Sehore News: सीहोर। हाथों में तिरंगे और लाल झंडे, दिलों में जिद और आंखों में हक की लड़ाई का जुनून लेकर आदिवासी (जेन-जी) युवा पीढ़ी का बड़ा सैलाब सीहोर की तरफ कदम बढ़ा रहा है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के चकल्दी से उठी इस विरोध की लहर ने अब एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले लिया है। प्रदेश के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के कथित निजीकरण के खिलाफ क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन के बैनर तले शुरू हुई यह तीन दिवसीय पदयात्रा अब सीहोर की ओर तेजी से अग्रसर है।
चकल्दी में आयोजित एक विशाल जनसभा के बाद शुरू हुई इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में आदिवासी युवाओं, छात्रों और स्थानीय निवासियों ने हिस्सा लिया। शिक्षा का ना हो व्यापार, ज्ञान पर हो सबका अधिकार और शिक्षा अधिकार है, सौदा नहीं जैसे बुलंद नारों के साथ आगे बढ़ रहे ये युवा हर गांव और कस्बे में लोगों को एकजुट कर रहे हैं।
शिक्षा के व्यवसायीकरण पर तीखा हमला
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा विद्यार्थी नेताओं ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आईटीआई जैसे सरकारी संस्थानों का निजीकरण गरीब और आदिवासी युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला है। यदि शिक्षा बिकाऊ हो जाएगी तो योग्यता की जगह पैसे का बोलबाला होगा, जिससे ग्रामीण व मध्यम वर्ग के प्रतिभावान छात्र तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित हो जाएंगे।
चकल्दी आईटीआई समेत संगठन की 5 मुख्य मांगें
निजीकरण पर रोक: चकल्दी आईटीआई सहित प्रदेश के सभी 16 सरकारी आईटीआई संस्थानों के निजीकरण और व्यवसायीकरण के फैसले को तुरंत रद्द किया जाए।
चकल्दी आईटीआई का विस्तार: चकल्दी स्थित आईटीआई में 6 नए ट्रेड शुरू किए जाएं और स्थानीय स्तर पर छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप सेंटर की व्यवस्था की जाए।
मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: केजी से लेकर पीजी तक की पढ़ाई पूरी तरह निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण बनाई जाए।
बजट और शिक्षक भर्ती: सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई को पर्याप्त बजट दिया जाए तथा शिक्षकों व प्रशिक्षकों के सभी खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए।
छात्र सुविधाएं: सभी विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति, छात्रावास, अध्ययन सामग्रियां और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
कलेक्टर कार्यालय पर होगा समापन
क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन ने छात्रों और आम नागरिकों से सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। यह तीन दिवसीय पदयात्रा सीहोर स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर समाप्त होगी, जहां एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार इस सभा में आंदोलन के अगले चरण और भावी रणनीति का ऐलान किया जाएगा।


