#Sehore, सीहोर। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखनेए आगामी त्योहारों के दौरान शांति सुनिश्चित करने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के सख्त निर्देशों एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में जिले के सभी शहरी और ग्रामीण थाना परिसरों में सूचीबद्ध गुंडों, आदतन अपराधियों तथा निगरानी बदमाशों की परेड कराई गई और उनका भौतिक सत्यापन किया गया।
बता दें मासिक अपराध समीक्षा बैठक में एसपी द्वारा दिए गए स्पष्ट आदेशों के पालन में सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के सक्रिय, निष्क्रिय और हाल ही में जेल से रिहा हुए अपराधियों को थानों में तलब कर परेड करवाई।
थाना रिकॉर्ड में दर्ज हुई नई जानकारी
सत्यापन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बदमाशों के वर्तमान निवास स्थान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी आजीविका के वैध साधनों की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही अपराधियों के वर्तमान में सक्रिय मोबाइल नंबर, वाहनों के पंजीयन क्रमांक, बैंक खातों का ब्योरा और ताजा फोटो एकत्र कर थाना रिकॉर्ड तथा क्राइम डोजियर में दर्ज की गईं। पुलिस द्वारा उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स और संदिग्ध संपर्कों पर भी निगरानी रखने के लिए विवरण जुटाया गया है।
संदिग्ध संपर्कों की गोपनीय पड़ताल
अभियान के तहत पुलिस ने इस बात की गोपनीय जांच की है कि ये बदमाश वर्तमान में किन लोगों के संपर्क में हैं, उनकी दैनिक दिनचर्या क्या है और क्या वे किसी संगठित गिरोह अथवा जुआ, सट्टा, अवैध शराब या मादक पदार्थों की तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों से जुड़े हैं। थाना परिसरों में परेड के दौरान सभी बदमाशों को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि किसी ने भी गुंडागर्दी, अवैध वसूली, आम नागरिकों को डराने-धमकाने या शांति भंग करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ बिना किसी ढील के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला बदर की होगी कार्रवाई
एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने निर्देश दिए हैं कि जिन गुंडा व निगरानी बदमाशों के पुन: अपराधों में संलिप्त होने की सूचना मिल रही है, उनके विरुद्ध गुंडा एक्ट, जिला बदर और आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत त्वरित प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी न्यायालय भेजे जाएं। इसके अतिरिक्त जमानत पर छूटे अपराधियों द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर उनकी जमानत निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।


