आधी रात में आग का तांडव, 13 दमकलों से 3 घंटे चला संघर्ष, जूते-चप्पल की थोक दुकान खाक

सीहोर। आधी रात जब पूरा शहर सो रहा था, तब मंडी चौराहे पर अचानक उठीं भीषण लपटों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। एनके एंटरप्राइजेज की दो मंजिला जूते-चप्पलों की थोक दुकान में लगी आग इतनी विकराल थी कि उस पर काबू पाने के लिए नगर पालिका की 13 बार दमकलें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास किए। लोहे के मजबूत शटर और भीतर भरे रबर-लेदर के भारी स्टॉक के बीच फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब तीन घंटे तक कड़ा संघर्ष किया, तब जाकर लपटों को आसपास की दुकानों में फैलने से रोका जा सका।
दुकान संचालक नितिन साहू और शैलेंद्र शिवहरे बागेश्वर धाम दर्शन के लिए गए हुए थे। शटर बंद होने के कारण आग अंदर ही अंदर धधकती रही। फायरकर्मियों ने मशक्कत के बाद शटर तोड़ा और भीतर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। जूते-चप्पलों का भारी स्टॉक होने से आग बार-बार भडक़ रही थी। पानी डालने के कुछ देर बाद लपटें फिर उठ जातीं। आग पर काबू पाने के लिए करीब आठ दमकलें मौके पर पहुंचीं। पानी खत्म होने पर टैंकर भी बुलाया गया। गेल इंडिया की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल ने भी अभियान में सहयोग किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
आसपास की दुकानें भी आईं खतरे की जद में
रात करीब 1.30 बजे आग दुकान के पीछे और ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई। इससे आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में दहशत फैल गई। पड़ोस की अग्रवाल हार्डवेयर दुकान के संचालक दीपक अग्रवाल ने एहतियातन रात में ही पाइप और अन्य सामान बाहर निकलवा लिया। पास की बिल्डिंग में रहने वाले सतनारायण अग्रवाल के परिवार ने भी खतरा महसूस किया। सूचना पर सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा और मंडी थाना प्रभारी अर्चना चौहान मौके पर पहुंचीं। नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और वार्ड 23 के पार्षद प्रतिनिधि दिलीप राठौर भी घटनास्थल पर पहुंचे। बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले ही दुकान में बड़ी मात्रा में नया स्टॉक भरा गया था। आग में लाखों रुपये का माल जलने की आशंका है। आग लगने के वास्तविक कारण और नुकसान का आकलन जांच के बाद स्पष्ट होगा।