6 महीने पुराने सांची नकली घी कांड में कार्रवाई ठंडे बस्ते में, अब फिर आष्टा में जब्त हुआ 50 लीटर संदिग्ध घी

सीहोर। जिले में मिलावटखोरों का जाल किस कदर फैला हुआ है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महकमे की कार्रवाइयां सिर्फ सैंपलिंग तक सिमट कर रह जाती हैं और मुख्य सरगना आराम से पुलिस की पहुंच से बाहर रहते हैं। ठीक 6 महीने पहले फरवरी माह में आष्टा के डोडी गांव में पकड़ी गई सांची की नकली घी फैक्ट्री के मामले में अब तक ठोस कार्रवाई का कोई अता-पता नहीं है। इस बीच आष्टा में एक बार फिर खाद्य सुरक्षा विभाग ने 50 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया है और बिना पंजीयन चल रही एक डेयरी को सील किया है।
बता दें अब से 6 महीने पहले फरवरी में तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा की टीम ने डोडी गांव में मानसिंह सेंधव के मकान पर दबिश देकर नकली सांची घी बनाने की मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था। मौके से 792 किलो नकली घी, वनस्पति, पाम ऑयल और सांची ब्रांड के फर्जी रैपर व कार्टन का भारी जखीरा बरामद हुआ था। मकान मालिक के अनुसार कल्याणपुरा निवासी गौरव वर्मा यह अवैध धंधा चला रहा था। छह महीने बीत जाने के बाद भी सबसे बड़ा सवाल जस का तस है कि मुख्य आरोपी गौरव वर्मा को पुलिस अब तक क्यों नहीं पकड़ पाई। सांची जैसे प्रतिष्ठित सरकारी ब्रांड के हूबहू दिखने वाले रैपर और पैकेजिंग मटीरियल आरोपी तक कहां से पहुंच रहे थे। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में प्रशासनिक अमला पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
अब फिर आष्टा में 50 लीटर संदिग्ध घी जब्त
पुराने मामले में ढिलाई का ही नतीजा है कि क्षेत्र में संदिग्ध घी का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडलीन ई. पन्ना और ज्योति बंसल की संयुक्त टीम ने आष्टा स्थित श्री इंटरप्राइजेज पर औचक छापा मारा। यहां गुणवत्ता के मापदंडों पर खरा न उतरने पर टीम ने 50 लीटर संदिग्ध घी को जब्त कर लिया और उसके 3 अलग-अलग सैंपल लिए।
बिना लाइसेंस चल रही दुआ डेयरी सील
कार्रवाई के दौरान टीम ने सीहोर के मुख्तारनगर स्थित दुआ डेयरी का निरीक्षण किया, जो बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से संचालित हो रही थी। नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों ने डेयरी को मौके पर ही सील कर दिया। इसके अलावा श्यामपुर स्थित जफरद्दीन डेयरी और दुआ डेयरी से दूध व मिक्स मिल्क के नमूने एकत्र किए गए। जब्त 50 लीटर घी और सभी एकत्र नमूनों को सील बंद कर जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।