छात्राओं से बदसलूकी करने वाले शिक्षक पर दर्ज होगी एफआईआर, डीईओ ने दिए आदेश

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Sehore News: सीहोर। श्यामपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला सोठी में पदस्थ एक शिक्षक की शर्मनाक करतूत सामने आई है। कक्षा 7वीं और 8वीं की छात्राओं से छेड़छाड़ और अमर्यादित व्यवहार करने के गंभीर आरोपों में घिरे प्राथमिक शिक्षक राकेश कुमार मालवीय को विभाग ने पहले तो निलंबित कर दिया और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी शीलू शर्मा ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्यामपुर के प्राचार्य को आदेश जारी किए हैं कि आरोपी शिक्षक राकेश कुमार मालवीय के खिलाफ श्यामपुर थाने में तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए और इसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को सौंपी जाए।
छात्राओं से गलत नीयत से स्पर्श करने का है आरोप
मामले का खुलासा तब हुआ जब संकुल केंद्र प्राचार्य और सोठी ग्राम पंचायत के सरपंच ने 1 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर शिक्षक की करतूतों से अवगत कराया। पत्र में बताया गया कि शिक्षक राकेश कुमार मालवीय स्कूल की मासूम बालिकाओं के साथ अनुचित व्यवहार, छेड़छाड़ और गलत नीयत से स्पर्श करते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का समय दिया था। हालांकि शिक्षक द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रथम दृष्टया आरोपों को बेहद गंभीर मानते हुए मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत 6 अगस्त को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय इछावर तय किया गया है।
पहले भी कर चुका है छेड़छाड़
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी शिक्षक का आचरण पहले से ही विवादित रहा है। छात्राओं के साथ अमर्यादित व्यवहार का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस शिक्षक पर एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक अतिथि शिक्षक के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ करने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। शिक्षक की बार-बार दोहराई जा रही इन हरकतों को देखते हुए विभाग ने इस बार सीधे पुलिस कार्रवाई का रास्ता चुना है।
सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी शीलू शर्मा की इस सख्त कार्रवाई को विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने और छात्राओं की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।