Sehore News: सीहोर। सीहोर से बिलकिसगंज के बीच निर्माणाधीन फोरलेन सडक़ का काम लंबे समय से अटका पड़ा है। निर्माण एजेंसी की ढिलाई और प्रशासन की अनदेखी के चलते यह सडक़ अब आम जनता के लिए राहत की जगह आफत का सबब बन चुकी है। शनिवार को एक बार फिर इस मार्ग पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह सडक़ क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाती है। सीहोर से लेकर बिलकिसगंज क्षेत्र तक के करीब 100 से अधिक गांवों के ग्रामीण दैनिक जरूरतों, इलाजए शिक्षा और व्यापार के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इसके अलावा यह सडक़ सीहोर को सीधे राजधानी भोपाल से जोडऩे वाला एक प्रमुख मार्ग भी है। सडक़ पर काम अधूरा होने और जगह-जगह डायवर्जन दिए जाने के कारण आए दिन संकरे रास्तों पर वाहन फंस जाते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है।
धूल, गड्ढे और दुर्घटनाओं का खतरा
निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण पूरी सडक़ पर उड़ती धूल और जगह-जगह फैले मलबे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस राह पर चलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धूल के कारण सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं, वहीं ठेकेदार द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न किए जाने से हादसे का अंदेशा बना रहता है।
ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी
लंबे समय से चल रहे इस निर्माण कार्य को लेकर अब क्षेत्र के लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। ग्रामीणों और वाहन चालकों का सीधा सवाल है कि आखिर इस सडक़ का निर्माण कार्य कब पूरा होगा। लोगों ने शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश देकर काम में तेजी लाई जाए और ट्रैफिक की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इस रोज-रोज के जाम से मुक्ति मिल सके।


