- #Sehore, सीहोर। इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम के पास स्लीपर बस से यात्रियों को जबरन नीचे उतारकर उनके साथ मारपीट और लूटपाट करने वाले इंदौर के दो शातिर बदमाशों को सीहोर न्यायालय ने 7-7 साल के सश्रम कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस पूरे अंधे अंधेरे में हुए सनसनीखेज मामले का खुलासा करने में फंदा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज ने निर्णायक भूमिका निभाई, जिसकी बदौलत पुलिस अपराधियों तक पहुंच सकी।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कर रहीं अपर लोक अभियोजक शाहना रईस ने बताया कि फरियादी अर्जुन मालवीय अपने साथियों रिहान मंसूरी, अयान मंसूरी, रियाज मंसूरी, कुलदीप मालवीय और सुमित मालवीय के साथ हैदराबाद से भोपाल पहुंचा था। वहां से वे सभी खातीजोड़ आष्टा जाने के लिए नादरा बस स्टैंड से इंदौर जाने वाली स्लीपर बस में सवार हुए थे। 3 दिसंबर 2025 की देर रात करीब 12.30 बजे जब बस इंदौर-भोपाल हाईवे पर कुबेरेश्वर धाम के पास रुकी, तभी दो अज्ञात युवक बस में चढ़े। उन्होंने यात्रियों के नाम पुकारकर अर्जुन और सुमित को कॉलर पकडक़र जबरन बस से नीचे उतार लिया।
निर्माणाधीन इमारत में ले जाकर की बर्बरता और लूट
बदमाश दोनों पीडि़तों को काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर बैठाकर पास ही स्थित एक पेट्रोल पंप के पीछे निर्माणाधीन सुनसान इमारत में ले गए। वहां आरोपियों ने प्लास्टिक के पाइप, घूंसे और थप्पड़ों से दोनों की बेरहमी से पिटाई की। इस दौरान बदमाशों ने अर्जुन के पास रखे 30 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया और उन्हें घायल अवस्था में छोडक़र फरार हो गए। मारपीट में दोनों युवकों के हाथ-पैर व कंधे में गंभीर चोटें आई थीं।
फंदा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
घटना के बाद पीड़ितों ने मंडी थाना पहुंचकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे और उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। ऐसे में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच का सहारा लिया और फंदा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। टोल प्लाजा के कैमरों में कैद संदिग्धों की गतिविधियों और वाहनों के मूवमेंट ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाने में सबसे बड़ा सुराग दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों को दबोचा और पीडि़तों से उनकी पहचान कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आदिल खान के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक, लूटा गया मोबाइल, 3 हजार रुपये नकद, डंडा और घटना के समय पहनी जैकेट जब्त की। दूसरे आरोपी मोहम्मद मोहसिन के कब्जे से 4 हजार 200 रुपये नकद, जैकेट व मफलर बरामद किए।
न्यायालय ने सुनाई 7-7 साल की सजा
सीहोर के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमके वर्मा की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और फंदा टोल प्लाजा के डिजिटल सबूतों को आधार मानते हुए इंदौर निवासी दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आदिल खान निवासी अंसारी बाग आजाद नगर इंदौर और मोहम्मद मोहसिन पठान निवासी मोमिनपुरा खजराना रोड इंदौर को 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर कुल 8 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।


