सीहोर। सावधान! अगर आप बाजार से पनीर खरीद रहे हैं तो जरा संभल जाइए। स्वाद और रूप-रंग में असली जैसा दिखने वाला एनालॉग पनीर आपकी सेहत के लिए धीमा जहर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद चलाए जा रहे शुद्ध के खिलाफ युद्ध अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने सीहोर के पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी पर देर रात छापेमारी कर 25 क्विंटल प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जब्त किया है।
संभागीय उडऩदस्ता भोपाल और खाद्य एवं औषधि प्रशासन सीहोर की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में हैरान करने वाली बात यह रही कि महज एक सप्ताह के भीतर इसी फैक्ट्री पर यह दूसरी बड़ी छापेमारी है।
क्या है एनालॉग पनीर और क्यों है सेहत के लिए जहर
एनालॉग पनीर दूध से नहीं, बल्कि पाम ऑयल, घटिया वनस्पति तेल, स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और केमिकल्स के मिश्रण से तैयार किया जाता है। दूध की प्राकृतिक मलाई फैट निकालकर उसमें सस्ते तेल मिलाए जाते हैं।
हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा
इसमें इस्तेमाल होने वाला पाम ऑयल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, जिससे दिल की नसों में ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
लीवर, किडनी और पाचन पर हमला
इसमें मौजूद केमिकल्स और ट्रांस फैट से एसिडिटी, कब्ज, मोटापा, डायबिटीज और लंबे समय में कैंसर व लीवर-किडनी खराब होने का डर रहता है।
12 अगस्त से बैन, फिर भी धड़ल्ले से निर्माण
प्रदेश सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 12 अगस्त से ही एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। मिलावटखोर महज 80 से 100 रुपये किलो में बनने वाले इस नकली पनीर को असली पनीर बताकर 300 से 400 रुपये किलो में बेचकर उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी कर रहे थे।
हफ्तेभर में दूसरी कार्रवाई, उड़ाईं नियमों की धज्जियां
खाद्य आयुक्त को मिली गुप्त शिकायत के आधार पर उडऩदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव की अगुआई में रात में जब छापा मारा गया तो नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। पैकेटों पर कंपनी का नाम और पता तक गायब था। मौके से भारी मात्रा में नमक और शक्कर भी मिली।
हफ्तेभर पहले ही इसी फैक्ट्री से 2 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया गया था, लेकिन उत्पादन बंद करने के बजाय और बढ़ा दिया। फिलहाल अधिकारियों ने पूरे 25 क्विंटल पनीर को सील कर दिया है और सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


