बारिश का अटैक, झुक गए रावण के दसों सिर, दुर्गा पंडाल भी ढहा

#Sehore, सीहोर। शहर में सोमवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट लेकर गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत तो दी, लेकिन तेज हवाओं और बारिश ने धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं के सामने चुनौती खड़ी कर दी। दोपहर 3 बजे तक लोग गर्मी से बेहाल थे, इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसमान काले बादलों से घिर गया और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। इसी दौरान गणेश मंदिर रोड पर फैक्ट्री के समीप स्थापित दुर्गा माता का पंडाल ढह गया। नवमी पर हवन और धार्मिक अनुष्ठान के बीच हुई इस घटना से मौके पर अफरा तफरी मच गई। इसी तरह बाल विहार मैदान पर खड़े रावण के पुतले के 10 सिरों झुक गए।
सोमवार दोपहर तक सीहोर में गर्मी और उमस का असर बना हुआ था। लोग बारिश का इंतजार कर रहे थेए लेकिन दोपहर करीब 3.10 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए। शहर के साथ आसपास के कुछ इलाकों में भी बारिश होने की खबरें सामने आईं। बारिश के बाद तापमान में गिरावट महसूस हुई और लोगों को उमस से राहत मिली।

गणेश मंदिर रोड पर ढहा दुर्गा पंडाल
बारिश का असर धार्मिक आयोजनों पर भी दिखाई दिया। गणेश मंदिर मार्ग पर फैक्ट्री के समीप स्थापित दुर्गा माता का पंडाल तेज बारिश के दौरान अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नवमी के अवसर पर पंडाल में हवन और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। इसी दौरान तेज पानी गिरने से पूरा ढांचा नीचे आ गया। घटना की सूचना स्थानीय रूप सिंह ने अन्य लोगों को दी। नवमी के चलते प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां भी चल रही थीं, लेकिन पंडाल गिरने से आयोजन स्थल पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति संभालने और व्यवस्था बनाने के प्रयास किए गए। घटना में किसी के घायल होने या अन्य नुकसान की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों के दौरान तेज हवा और बारिश की स्थिति में पंडालों की मजबूती तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत सामने आई है।
तीन दिन से बारिश का दौर, किसानों को भी उम्मीद
बता दें सीहोर जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। रविवार को भी सीहोर नगर में रुक-रुककर हल्की फुहारें पड़ी थीं, जबकि इससे पहले ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश होने की खबरें मिली थीं। लगातार बदलते मौसम से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। बारिश से किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है, हालांकि फसलों पर वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों और खेतों में मौजूद नमी पर निर्भर करेगा।
अगले पांच दिन बादलों का असर
आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक एसएस तोमर के अनुसार 20 से 24 अक्टूबर तक सीहोर में हल्के बादलों से लेकर मध्यम और घने बादलों वाला मौसम रहने का अनुमान है। आगामी 24 घंटे में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शुरुआती दिनों में हवा पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने तथा बाद में दक्षिण-पश्चिम और अंत में पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट भी संभावित है।
आज दशहरा, बारिश बिगाड़ सकती है तैयारियों का गणित
मौसम में लगातार बदलाव के बीच आज विजयदशमी पर होने वाले दशहरा उत्सव को लेकर आयोजकों की चिंता बढ़ गई है। यदि तेज हवा और बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों, रावण दहन की तैयारियों और दर्शकों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। हालांकि बारिश के बावजूद आयोजन सफल बनाने के लिए समितियां तैयारियों में जुटी हैं।
आयोजकों के सामने चुनौती
बदलते मौसम को देखते हुए आयोजन समितियों के लिए जरूरी है कि वे पंडालों, अस्थायी मंचों, बिजली की फिटिंग और अन्य ढांचों की मजबूती की जांच करें। तेज हवा या गरज-चमक के दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। मौसम का अगला रुख दशहरा उत्सव की व्यवस्थाओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। फिलहाल सीहोर में बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन धार्मिक आयोजनों और दशहरा तैयारियों के सामने मौसम एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।