- – राजीव गुजराती के जिलाध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी से हो चुकी हैं चार महत्वपूर्ण मुलाकातें
- – राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष को सीहोर की राजनीतिक गतिविधियों से लगातार करा रहे अवगत
सीहोर। जिले की राजनीति और विशेषकर कांग्रेस संगठन के लिहाज से एक नया दौर देखने को मिल रहा है। सीहोर कांग्रेस की पहुंच अब केवल प्रदेश स्तर तक सीमित न रहकर सीधे देश की राजधानी दिल्ली और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक हो गई है। जब से राजीव गुजराती ने सीहोर कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कमान संभाली है, तब से जिले में संगठन को एक नई राष्ट्रीय पहचान मिली है। राजीव गुजराती को शीर्ष नेतृत्व से मिल रही तवज्जो इस बात का सीधा प्रमाण है कि सीहोर की राजनीतिक गतिविधियों को अब दिल्ली में सीधे सुना जा रहा है।
राजीव गुजराती के जिलाध्यक्ष बनने के बाद सीहोर कांग्रेस के ग्राफ में तेजी से उछाल आया है। जिलाध्यक्ष बनने के बाद से अब तक राजीव गुजराती की कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता एवं संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चार बार सीधी और मुलाकातें हो चुकी हैं। इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने सीहोर जिले के राजनीतिक हालातों, आम जनता के मुद्दों, किसानों की समस्याओं और संगठन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की है। इतना ही नहीं वे अब तक आधा दर्जन से अधिक बार दिल्ली में आयोजित होने वाली अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हो चुके हैं। इन बैठकों में उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से सीधे संवाद कर सीहोर जिले की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक गतिविधि और संगठनात्मक प्रगति की रिपोर्ट पेश की है।
गांधी परिवार से सीधा और निरंतर संवाद
सीहोर जिले के कांग्रेस इतिहास में राजीव गुजराती ऐसे पहले जिलाध्यक्ष बन गए हैं, जिनकी सीधी पहुंच और संवाद कांग्रेस आलाकमान यानी सीधे गांधी परिवार तक बना हुआ है। इससे पहले भी जिले में कई दिग्गज नेता कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पद पर आसीन रहे हैं, लेकिन अतीत में किसी भी जिलाध्यक्ष को आलाकमान से इस तरह बार-बार मिलने और जिले की बात सीधे राष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ। राजीव गुजराती की इस सक्रियता ने न केवल जिले के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है, बल्कि सीहोर कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई है।
संगठन में अमूलचूल परिवर्तन और नया कार्यकल्चर
यह बदलाव कांग्रेस पार्टी के भीतर आए उस अमूलचूल परिवर्तन का भी नतीजा है, जहां आलाकमान अब जमीनी स्तर पर काम करने वाले हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी से सीधा संवाद स्थापित कर रहा है। राजीव गुजराती की सक्रियता को देखते हुए ही पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सीहोर जिले को विशेष प्राथमिकता दे रहा है। राजीव गुजराती की दिल्ली तक इस मजबूत पहुंच का सीधा फायदा सीहोर जिले के कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं को मिल रहा है।


