Sehore News: सीहोर। प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर डॉ. मोहन यादव सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के 24 घंटे के भीतर ही सीहोर में पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। सरकार के फैसले के बाद अलर्ट हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पचामा स्थित रूद्रांश डेयरी इंडस्ट्री पर छापा मारकर 204 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया है।
बता दें मोहन सरकार द्वारा बैन लगाए जाने के तुरंत बाद कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले में शुद्ध दूध और दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्त निर्देश जारी किए। प्रशासन के अलर्ट होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे जिले में डेरियों, दुकानों और फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है।
गंदगी के बीच बन रहा था एनालॉग पनीर
निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों की टीम सीहोर के पचामा स्थित रूद्रांश डेयरी इंडस्ट्री पहुंची, वहां अस्वच्छ और असुरक्षित परिस्थितियों में एनालॉग पनीर तैयार किया जा रहा था। निर्माण स्थल की फर्श टूटी फूटी पाई गई और दीवारें बेहद गंदी थीं, जो स्वास्थ्य मानकों का सीधा उल्लंघन है।
40,800 की खेप जब्त, सप्लाई पर तुरंत रोक
गंभीर अनियमितता पाए जाने पर टीम ने मौके पर ही पनीर का निर्माण और सप्लाई पूरी तरह से रुकवा दी। मौके से 204 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार 800 रुपए है। जब्त पनीर का सैंपल लेकर गुणवत्ता की पुष्टि के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडलीन पन्ना और दीपाली कांगे की अगुवाई में विभाग की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सरकार के बैन के बाद यदि कोई भी मिलावटखोर या डेयरी संचालक एनालॉग पनीर का निर्माण या खरीद-बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


