नपा अध्यक्ष-पार्षद चुनाव के बदले नियम…

#Sehore, सीहोर। आगामी नगरीय निकाय चुनावों से ठीक पहले राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मध्यप्रदेश सरकार ने नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 में संशोधन करते हुए चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के लिए जमानत राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) बढ़ा दी है। अब महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों के पदों पर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को पहले से ज्यादा रकम जमा करनी होगी।
इस फैसले का सीधा असर सीहोर जिले की सभी 9 नगरीय निकायों (सीहोर एवं आष्टा नगर पालिका तथा रेहटी, भैरुंदा, शाहगंज, जावर, कोठरी, इछावर और बुधनी) नगर पंचायत पर पड़ेगा। आगामी निकाय चुनावों में इन निकायों से ताल ठोकने वाले प्रत्याशियों को नए नियमों का पालन करना होगा।
जानिए किस पद के लिए अब कितनी देनी होगी जमानत राशि
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जमानत राशि में यह बदलाव किया गया है…
नगर निगम महापौर: अब जमा करने होंगे 32000
नगरपालिका अध्यक्ष: अब जमा करने होंगे 24000
नगर परिषद अध्यक्ष: अब जमा करने होंगे 16000
नगर निगम पार्षद: 8000
नगरपालिका पार्षद: 4800
नगर परिषद पार्षद: 1600

आरक्षित वर्गों को राहत
महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए जमानत राशि निर्धारित रकम की आधी ही रहेगी।
नामांकन के लिए मिलेंगे कम से कम 7 दिन
संशोधित नियमों के तहत अब प्रत्याशियों को नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए कम से कम 7 दिनों की समय-सीमा दी जाएगी। अधिसूचना जारी होने के सातवें दिन को नामांकन की अंतिम तारीख माना जाएगा। यदि सातवें दिन कोई सार्वजनिक अवकाश होता है तो उसके अगले कार्यदिवस तक फॉर्म जमा किए जा सकेंगे।
एक पद के लिए अब सिर्फ एक ही नामांकन पत्र होगा स्वीकार
अक्सर देखा जाता था कि उम्मीदवार एक ही पद के लिए दो या उससे अधिक नामांकन फॉर्म दाखिल कर देते थेए लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार एक पद के निर्वाचन के लिए प्रत्याशी की ओर से केवल एक ही नामांकन पत्र स्वीकार किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारी किसी भी स्थिति में दूसरा या अतिरिक्त फॉर्म स्वीकार नहीं करेंगे।
चुनाव खर्च का हिसाब-किताब अनिवार्य
चुनावी खर्च में पारदर्शिता लाने और वित्तीय हेरफेर रोकने के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं, अध्यक्ष और पार्षद पद के प्रत्येक उम्मीदवार को किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में एक अलग और स्वतंत्र बैंक खाता खोलना होगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार को इस नए बैंक खाते का विवरण रिटर्निंग ऑफिसर के सामने जमा करना होगा। चुनाव से संबंधित हर प्रकार की प्राप्तियों और खर्चों का पूरा विवरण और लेन-देन इसी बैंक खाते के माध्यम से करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार द्वारा नियम जारी किए जाने के बाद अब सीहोर जिले के स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चुनावी सरगर्मी और नए नियमों की चर्चा तेज हो गई है।