#कोतवाली टीआई दुबे के नाम यह रोचक रिकार्ड…

@सीहोर। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में तबादले और नई पोस्टिंग बेहद आम बात हैं, लेकिन सीहोर पुलिस विभाग के इतिहास में एक ऐसा अनूठा और रोचक मामला सामने आया है जो आज तक किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी के साथ नहीं हुआ। एक ही थाने से करियर की मैदानी शुरुआत करना, फिर आगे चलकर उसी थाने का टीआई (थाना प्रभारी) बनना और फिर घूम फिरकर तीसरी बार उसी कोतवाली थाने की कमान संभालना, यह उपलब्धि दर्ज हुई है टीआई गिरीश दुबे के नाम।
बता दें सप्ताह भर पहले ही पुलिस कप्तान सोनाक्षी सक्सेना ने आष्टा थाना प्रभारी रहे गिरीश दुबे को शहर के सबसे महत्वपूर्ण कोतवाली थाने का प्रभारी बनाया है। खाकी वर्दी के प्रति निष्ठा और निरंतर मेहनत के दम पर गिरीश दुबे ने एक ऐसा सफर तय किया है, जो पूरे पुलिस विभाग या अधिकारी-पुलिस जवान के मामले में अनूठा है।
बांग्लादेशी नेटवर्क ने दिलाई सफलता
गिरीश दुबे ने अपने सेवाकाल की शुरुआत वर्ष 2002 में बतौर प्रधान आरक्षक के रूप में की थी, जिसके बाद साल 2005 में मैदानी पोस्टिंग इसी सीहोर कोतवाली थाने में पाई थी। यहां के बाद वे भोपाल पहुंचे, जहां साल 2006 में उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़ा कारनामा कर दिखाया। भोपाल में अवैध हथियारों के साथ सक्रिय बांग्लादेशी संदिग्धों के नेटवर्क को बेनकाब करने में गिरीश दुबे की मुख्य भूमिका रही। इस सफल ऑपरेशन के एवज में उन्हें विभाग की ओर से विशेष आउट ऑफ टर्न प्रोत्साहन मिला और साल 2007 में वे एएसआई पद पर पदोन्नत कर दिए गए।
फिर बढ़ता गया सफलता का सफर
आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के बाद गिरीश दुबे की तरक्की का सफर रुकने का नाम नहीं लिया। अपनी कार्यशैली के दम पर साल 2012 में वे सब इंस्पेक्टर बने और रायसेन जिले के कई महत्वपूर्ण थानों में पदस्थ रहे। पुलिस महकमे में उनके रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2021 में उन्हें निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया।
पहली बार टीआई बन लौटे कोतवाली
निरीक्षक बनने के बाद जब वे सीहोर जिले में लौटे तो उन्हें भैरुंदा और आष्टा थानों की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद करीब साल-डेढ़ साल पहले उन्हें पहली बार कोतवाली थाने का टीआई बनाया गया। यानी जिस थाने में कभी वे प्रधान आरक्षक के रूप में आदेश का पालन करते थे, वहीं वे पहली बार मुखिया बनकर लौटे।
एसपी सक्सेना ने अब फिर सौंपी कमान
कोतवाली के बाद वे आष्टा थाने में सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने उन्हें आष्टा से ट्रांसफर कर पुन: कोतवाली थाने का टीआई नियुक्त किया है। बता दें जिले के इतिहास में अब तक किसी भी आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआई, एसआई या निरीक्षक के साथ ऐसा नहीं हुआ है। एक ही थाने से अपनी जमीनी शुरुआत करना और फिर उसी कोतवाली में तीसरी बार प्रभारी बनकर आना अपने आप में एक अनोखा मामला है।