#सीहोर। कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती इस कहावत को सीहोर शहर की नन्ही बिटिया ने सच कर दिखाया है। शहर की सीवन लाइफ कॉलोनी निवासी वान्या सचदेव पिता आनंद सचदेव ने महज 2 वर्ष 6 माह की अल्पायु में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जो बड़े-बड़े बच्चों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। वान्या का चयन देश की सबसे प्रतिष्ठित रिकॉर्ड संस्था इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स में ‘आईवीआर अचीवर’ के रूप में हुआ है। संस्था द्वारा यह रिकॉर्ड 13 अगस्त को आधिकारिक रूप से कन्फर्म किया गया है। नन्ही वान्या की इस उपलब्धि से जहां सचदेवा परिवार में जश्न का माहौल है, वहीं पूरे सीहोर जिले का नाम देशभर में रोशन हुआ है।
वान्या की यह अद्भुत प्रतिभा
इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र के अनुसार ढाई साल की वान्या ने अपनी स्मरण शक्ति का परिचय दिया है। वान्या ने…
- – 13 फलों को देखकर उनके सही नाम बताए।
- – 15 जानवरों की पहचान कर उनके नाम बताए।
- – मानव शरीर के 20 अंगों की सटीक पहचान की।
- – 7 विभिन्न आकृतियों को पहचाना।
- – 1 अंग्रेजी नर्सरी राइम का स्पष्ट वाचन किया।
- – 7 जानवरों की आवाजों की हूबहू नकल उतारकर रिकॉर्ड दर्ज करने वाली टीम को आश्चर्यचकित कर दिया।
पोती की उपलब्धि पर दादा बोले, मन प्रफुल्लित है
वान्या सचदेव के दादा जगदीश सचदेव ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वान्या का जन्म 22 जनवरी 2024 को सीहोर में हुआ था। अपनी पोती की इतनी छोटी उम्र में इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि से उनका मन अत्यंत प्रफुल्लित है। पिता आनंद सचदेव ने बताया कि वान्या बचपन से ही बेहद जिज्ञासु प्रवृत्ति की है। वह जो भी बात एक बार देखती या सुनती है, उसे तुरंत सीख और समझ लेती है।
मिल रही बधाइयां
वान्या की इस असाधारण सफलता पर सामाजिक व व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नगर के प्रबुद्ध जनों ने सचदेवा परिवार को बधाई दी है तथा बिटिया को आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


