हाईटेक हुआ #फंदा टोल नाका, घर आएगा चालान…

@सीहोर। मध्य प्रदेश के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहतभरी खबर है। अब टोल प्लाजा पर न तो लंबी कतारें दिखेंगी और न ही बूम बैरियर के खुलने का इंतजार करना पड़ेगा। यूरोप और जर्मनी जैसे विकसित देशों की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी बिना रुके टोल पार करने की आधुनिक बैरियर-लेस व्यवस्था की शुरुआत हो गई है।
भोपाल-देवास मार्ग पर स्थित फंदा टोल प्लाजा पर प्रदेश का ऐसा पहला सिस्टम एक्टिवेट किया गया है, जहां गाडिय़ां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी बिना रुके सीधे निकल सकेंगी।
कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम
मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम ने फिलहाल फंदा टोल प्लाजा की एक लेन में इसका ट्रायल शुरू किया है। इस लेन में कोई बूम बैरियर (फाटक) नहीं लगाया गया है। लेन में एडवांस फास्टैग रीडर, ऑटोमैटिक कैमरे और सेंसर फिट किए गए हैं। गाड़ी के गुजरते ही सेंसर उसकी कैटेगरी और नंबर पहचान लेंगे और फास्टैग से अपने आप सही राशि कट जाएगी।
फास्टैग में बैलेंस न होने पर आएगा ई-चालान
अगर किसी गाड़ी के फास्टैग में पैसे नहीं हैं, नंबर गलत दर्ज है या किसी तकनीकी कारण से तुरंत पैसा नहीं कट पाता है तो भी गाड़ी रोकी नहीं जाएगी। वाहन मालिक को तुरंत ई-चालान भेजा जाएगा। 3 दिन के भीतर टोल की राशि जमा करनी होगी। समय पर भुगतान न करने पर जुर्माने के साथ राशि वसूली जाएगी।
समय और ईंधन दोनों की होगी भारी बचत
टोल पर गाडिय़ां रोकने और फिर एक्सीलेटर दबाकर रफ्तार पकडऩे में बर्बाद होने वाला ईंधन बचेगा। ब्रेक लगाने की जरूरत न होने से सफर तेज और सुचारू रहेगा। टोल पर कर्मचारियों की निर्भरता घटने से प्रबंधन का खर्च भी कम होगा।
1 जनवरी 2027 से सभी लेनों में लागू करने का लक्ष्य
यदि फंदा टोल पर चल रहा यह ट्रायल सफल रहता है तो एमपीआरडीसी की योजना 1 जनवरी 2027 से इस मार्ग के तीनों टोल प्लाजा की सभी लेनों में इसे पूरी तरह लागू करने की है। भारत के कुछ चुनिंदा नए एक्सप्रेस-वे पर ही ऐसी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और मध्य प्रदेश की किसी सडक़ पर यह अपनी तरह का पहला नवाचार है।