@सीहोर। खेत में झूल रहे 11 केवी बिजली के तारों की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसे ग्राम बड़वेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा को दो महीने बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला है। मध्य प्रदेश सरकार, ऊर्जा मंत्री और जिला प्रशासन की बेरुखी से आहत होकर पीडि़त किसान के बुजुर्ग पिता प्रहलाद सिंह मेवाड़ा ने अब देश की राजधानी दिल्ली जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लादकर दिल्ली के जंतर-मंतर से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक न्याय की गुहार लगाएंगे।
पीडि़त परिवार और किसानों का आरोप है कि विद्युत मंडल की जांच में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सिद्ध होने के बावजूद भी पुलिस अब तक एफआईआर दर्ज करने से कतरा रही है।
25 गांवों के 500 से अधिक किसानों का फूटा गुस्सा
किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में जिले के करीब 25 गांवों से आए 500 से अधिक आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। किसानों ने डिप्टी कलेक्टर गिरिराज सिंह परिहार और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और मानवाधिकार आयोग के नाम ज्ञापन सौंपा।
अधिकारियों पर एफआईआर की मांग
किसानों ने विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और श्यामपुर के सहायक यंत्री समेत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही पीडि़त किसान सतीश मेवाड़ा को 25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।
किसानों का कहना है कि जिले भर के ग्रामीण इलाकों में 11 केवी और एलटी लाइनें आज भी खतरनाक तरीके से नीचे झूल रही हैं, जिससे हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिजली कंपनी के दोषी अफसरों पर कानूनी कार्रवाई और पीडि़त को न्याय नहीं मिलता, यह आंदोलन जारी रहेगा।


