@सीहोर। मध्य प्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल बुधनी विधानसभा सीट के अंतर्गत आने वाला शाहगंज कस्बा इन दिनों एक गंभीर और चौंकाने वाले मामले को लेकर चर्चा में है। यह क्षेत्र नव निर्वाचित विधायक रमाकांत भार्गव का गृह नगर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले विधायक के अपने ही गृहनगर व आसपास के अंचल में अवैध शराब का गोरखधंधा धड़ल्ले से फल फूल रहा है।
बता दें सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत का जख्म अभी भरा भी नहीं है कि पवित्र नर्मदा तट पर बसे शाहगंज से आई यह खबर पूरे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। शाहगंज में अवैध ठिकानों पर ब्रांडेड और देशी शराब लाइसेंसी दुकानों और जिला मुख्यालय के तय रेट से आधी या बेहद कम कीमत पर बेची जा रही है। कीमतों में इतना भारी अंतर सीधे तौर पर इशारा कर रहा है कि कहीं यहां बिक रही मदिरा नकली या जहरीली तो नहीं।
स्टिंग में रेट का खुलासा
स्टिंग ऑपरेशन में शाहगंज के अवैध ठिकानों पर मिलने वाली शराब के जो भाव सामने आए हैं, वे हैरान करने वाले हैं…
- रॉयल स्टैग क्वार्टर: लाइसेंसी दुकान पर 250, जबकि शाहगंज के अवैध ठिकाने पर महज 140 रुपए।
- ब्लैंडर प्राइड क्वार्टर: दुकान पर 350, शाहगंज में 220 रुपए।
- मैकडॉवेल्स नं-1 क्वार्टर: सरकारी रेट 180, शाहगंज में 120 रुपए।
- ऑफीसर्स चॉइस क्वार्टर: दुकान पर 170, शाहगंज में 120 रुपए।
- गोवा क्वार्टर: दुकान पर 120-130, शाहगंज में सिर्फ 75 रुपए।
- देशी लाल क्वार्टर: सरकारी रेट 110, शाहगंज में महज 70 रुपए।
- देशी सफेद क्वार्टर: सरकारी रेट 90, शाहगंज में केवल 60 रुपए।
इन 5 प्रमुख ठिकानों पर धड़ल्ले से गोरखधंधा
शाहगंज में अवैध मदिरा का यह खेल किसी से छिपा नहीं है। शहर के प्रवेश द्वारों से लेकर रिहायशी इलाकों तक 5 प्रमुख ठिकाने बेखौफ संचालित हो रहे हैं…
- बकतरा रोड स्थित प्रवेश द्वार के पास
- होशंगाबाद रोड प्रवेश द्वार के पास
- परसवाड़ा भोपाल रोड
- इंद्रा कॉलोनी
- नर्मदा रोड रेस्ट हाउस के पास
नर्मदा तट पर सरकारी आदेश पूरी तरह बेअसर
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा तटीय क्षेत्रों में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की थी। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने भी धार्मिक स्थलों और नर्मदा तटों पर शराबबंदी के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद पावन नर्मदा नदी के तट पर बसे शाहगंज में अवैध शराब का बिकना सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहा है।
7 महीनों में दर्ज हुए 69 मामले, आंकड़े दे रहे गवाही
शाहगंज पुलिस थाने के आंकड़े खुद गवाही दे रहे हैं कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार किस कदर जड़े जमा चुका है। 1 जनवरी से 31 जुलाई के बीच आबकारी एक्ट के तहत 69 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अकेले शाहगंज शहर के 29 मामले हैं, जबकि ग्रामीण इलाके बनेटा प्लाट 7, बासगहन 7, खटपुरा/खिडिय़ाकुर्मी 6, जोनतला 4 और इटार/ठीकरी 4 में भी लगातार पुलिस कार्रवाइयां हुई हैं।
सागर जैसे हादेस का इंतजार?
सागर में नकली शराब से 15 परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं। शाहगंज में जिस तरह ब्रांडेड कंपनियों के रैपर में आधी कीमत पर संदिग्ध शराब बेची जा रही है, वह किसी बड़े हादसे का अलार्म बजा रही है। यदि आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन ने समय रहते इन 5 प्रमुख ठिकानों और इनके पीछे सक्रिय बड़े माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई नहीं की तो नर्मदा तट के इस शांत इलाके में भी सागर जैसी इंसानी त्रासदी दोहराने से इंकार नहीं किया जा सकता।


