@सीहोर। सीहोर नगरपालिका परिषद के गठन के बाद से ही विभिन्न विकास कार्यों, नियुक्तियों और खरीद प्रक्रियाओं में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामप्रकाश चौधरी और पूर्व पार्षद शमीम अहमद ने नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त भोपाल को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर नगरपालिका में जारी धांधलियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है। पूर्व पार्षदों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में कुल 12 प्रमुख मुद्दों को फोकस किया है।
लगाए यह आरोप
- नगरपालिका की विभिन्न शाखाओं में आरक्षण एवं शासकीय नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कर्मचारियों की भर्तियां की गईं।
- हाउसिंग बोर्ड और ब्रह्मपुरी सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में भवनों व भूखंडों के हस्तांतरण में नियमों और आरक्षण प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
- शहर के वॉटर फिल्टर प्लांट लंबे समय से बंद हैं, जिससे गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। हाल ही में लसुडिय़ा काहिरी प्लांट पर वर्षों पुराने निष्क्रिय क्लोरीन सिलेंडर से हुए गैस रिसाव की जांच की मांग की गई, क्योंकि पिछले दो वर्षों से नदी से सीधे पानी सप्लाई किया जा रहा था।
- नगरपालिका की संपत्ति व नाकों के लिए आरक्षित जमीनों को नियमों के विपरीत जाकर बेचा गया।
- शासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद शहर में तय बाजारी के नाम पर अवैध वसूली जारी है, जिसकी जांच और इसे तत्काल बंद करने की मांग की गई।
- वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक खरीदे गए वाहनों, पेट्रोल-डीजल, मरम्मत व्यय, एलम, ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल और जल प्रदाय सामग्री में बड़े पैमाने पर वित्तीय गबन का आरोप लगाया गया है।
- संविदा सब-इंजीनियर वैभव लौवानिया द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नियम विरुद्ध कराए गए कार्यों की जांच की मांग भी शामिल है।
जनहित में कार्रवाई की मांग
पूर्व पार्षदों का कहना है कि नगरपालिका सीहोर में जनहित के पैसे का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार रचा गया है। उन्होंने नगरीय प्रशासन आयुक्त से अनुरोध किया है कि सभी बिन्दुओं पर तत्काल निष्पक्ष जांच दल गठित कर दोषियों के खिलाफ कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


