- सीहोर। 67 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र हॉट स्प्रिंग में 16 हजार फीट की बर्फीली ऊंचाई पर हमारे जवानों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया था। सीमित संसाधनों के बावजूद दुश्मन के सामने घुटने न टेकने वाले उन 10 शूरवीरों का बलिदान आज भी देश की सुरक्षा में तैनात हर जवान को नई प्रेरणा देता है।
यह बात पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने बुधवार को रक्षित केंद्र पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड के दौरान कही। लद्दाख के अमर बलिदानियों की स्मृति में आयोजित इस समारोह में बीते एक वर्ष में शहीद हुए देश भर के 154 जवानों (जिनमें मप्र के 09 जवान शामिल हैं) के नामों का वाचन कर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान व मातमी धुन के बीच भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जवानों ने दिखाया था अदम्य साहस
एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज से 67 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र हॉट स्प्रिंग में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर तैनात सीआरपीएफ की गश्ती टुकड़ी पर चीनी सेना ने घात लगाकर हमला कर दिया था। सीमित संसाधनों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन का डटकर मुकाबला किया और अंतिम सांस तक अपनी पोस्ट पर डटे रहे। इस भीषण संघर्ष में मातृभूमि की रक्षा करते हुए 10 शूरवीर जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्हीं अमर सेनानियों के बलिदान को अक्षुण्ण रखने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को देश भर में यह दिवस मनाया जाता है। - शहीदों को दी गई सलामी
स्मृति दिवस परेड का नेतृत्व सूबेदार अजय भिरे एवं परेड कमांडर गणेश सिंह डामोर ने किया। परेड में शामिल प्लाटूनों द्वारा शोक शस्त्र की औपचारिक कार्रवाई करते हुए अमर शहीदों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी गई। इसके बाद बिगुल पर मातमी धुन बजाई गई, जिससे संपूर्ण परिसर देशभक्ति और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर हो गया।
अफसरों ने अर्पित की पुष्पांजलि
समारोह के समापन पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल, जिला कलेक्टर बालागुरु के., द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महेश वर्मा, जिला रजिस्ट्रार अरविंद सिंह गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नीलमड़ी, एसडीओपी प्रेमनारायण गोयल, डीएसपी प्रवीण चढ़ोकर एवं रक्षित निरीक्षक उपेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।


