48 घंटे में दूसरी बार #क्लोरीन गैस का रिसाव, सुरक्षित स्थान की ओर भागे ग्रामीण

@सीहोर। काहिरी कदीम फिल्टर प्लांट पर लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार के बाद गुरुवार को 48 घंटे के भीतर दूसरी बार क्लोरीन गैस का रिसाव होने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में हडक़ंप मच गया। हवा में गैस की तीखी और दमघोंटू गंध फैलते ही ग्रामीण दहशत के मारे अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को हुए रिसाव के बाद गुरुवार को नगरपालिका की टीम फिल्टर प्लांट पर रखे पुराने क्लोरीन सिलेंडरों को सुरक्षित करने और जांच के लिए पहुंची थी। प्लांट पर मौजूद सिलेंडरों में से एक भरे हुए सिलेंडर को तकनीकी प्रक्रिया के जरिए खाली और निष्क्रिय (न्यूट्रलाइज) किया जा रहा था। इसी दौरान सिलेंडर के वाल्व से अचानक दोबारा गैस का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरे इलाके में बदबू फैल गई।
अप्रशिक्षित अमले से काम कराने का आरोप
बार-बार हो रहे रिसाव से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन और नगरपालिका प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्लोरीन जैसी अत्यंत संवेदनशील और जानलेवा गैस से जुड़े मामलों में प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञों की जगह अप्रशिक्षित कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। यदि समय रहते स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती है।
मंगलवार को अस्पताल पहुंचे थे कई लोग
गौरतलब है कि इसी फिल्टर प्लांट पर मंगलवार की शाम भी क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था, जिससे लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। मंगलवार के हादसे के बाद भी कोई कड़ा सबक नहीं लिया गया, जिसके चलते गुरुवार को यह दोबारा घटना घटी।
नपा का दावा, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
मामले में नगरपालिका के इंजीनियर विजय कोहली ने बताया कि रिसाव कोई बड़ा हादसा नहीं था। मौके पर मौजूद क्लोरीन सिलेंडर को तकनीकी प्रक्रिया के तहत न्यूट्रलाइज किया जा रहा था, जिस दौरान हल्की गैस निकली और वातावरण में स्मेल फैली। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया है, किसी भी नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सुरक्षित व नियंत्रण में है।