@सीहोर। काम ऐसे ही नहीं होता साहब, बीपीएल का आदेश कराना हो या जमीन का कब्जा… जेब ढीली करनी ही पड़ेगी, मुझे अकेले थोड़े ही रखना है, ऊपर तक देना पड़ता है… राजस्व महकमे की साख पर बट्टा लगाने वाली यही ‘ईमानदारी’ आखिरकार श्यामपुर तहसील के पटवारी जितेन्द्र कुमार शर्मा को भारी पड़ गई। बीपीएल कार्ड के 5 हजार और जमीन पर कब्जे के नाम पर 20 हजार रुपये का रेड कार्ड चलाने और रिश्वत का पैसा सीधे तहसीलदार की जेब तक पहुंचने का दावा करने वाले पटवारी साहब का जैसे ही ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ, प्रशासनिक गलियारों में हडक़ंप मच गया। अब एसडीएम तन्मय वर्मा ने ‘ऊपर तक सेटिंग’ का दावा करने वाले पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर सीहोर तहसील कार्यालय अटैच कर दिया है।
मामला श्यामपुर तहसील के ग्राम पथरिया का है। पटवारी जितेन्द्र कुमार शर्मा हल्का गढ़ीबगराज के खिलाफ ग्राम पथरिया निवासी भगवान सिंह गुर्जर, दयाल सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पटवारी द्वारा बीपीएल आदेश जारी कराने के नाम पर 5 हजार रुपये और जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। इतना ही नहीं, अन्य राजस्व कार्यों के लिए भी अलग-अलग रेट तय किए गए थे। जब ग्रामीणों ने पैसे देने से इनकार किया तो पटवारी ने कहा कि उसे भी ऊपर तक पैसे देने पड़ते हैं।
ऑडियो-वीडियो से मचा हडक़ंप
शिकायतकर्ताओं ने पटवारी की करतूत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया है। एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरी श्यामपुर तहसील और राजस्व महकमे में हडक़ंप मच गया। वीडियो में पटवारी बीपीएल परमिट के आदेश के नाम पर सौदेबाजी करते हुए यह कहते सुना जा रहा था कि जब तक पैसे तहसीलदार की जेब में नहीं जाते, काम नहीं होता। ग्रामीणों ने इन साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की थी।
हुई निलंबन की कार्रवाई
मामले के तूल पकड़ते ही श्यामपुर तहसीलदार श्याम चंदेले ने प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया पटवारी को मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन का दोषी पाया और एसडीएम को निलंबन का प्रस्ताव भेजा। एसडीएम तन्मय वर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय (तहसील सीहोर ग्रामीण) नियत किया गया है। हल्का सीलखेड़ा क्रमांक 08 का प्रभार तत्काल अन्य पटवारी को सौंपने और समस्त शासकीय रिकॉर्ड जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। पटवारी के खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है और अलग से आरोप पत्र जारी किया जाएगा।


