सीएम के नाम का फर्जी लेटर बनाने का सीहोर कनेक्शन…

Sehore News: सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम, उनकी फोटो और मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक लोगो का दुरुपयोग कर डॉक्टर के तबादले का फर्जी आदेश तैयार करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक फर्जीवाड़े का मुख्य केंद्र सीहोर जिला निकला है। आलीराजपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीहोर के ग्राम श्यामपुरा में दबिश देकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी लेटर तैयार करने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और टैबलेट भी जब्त कर लिया गया है।
यह पूरा मामला 22 अगस्त को तब सामने आया, जब आलीराजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें बताया कि 21 जुलाई को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से वॉट्सऐप के जरिए एक स्थानांतरण पत्र मिला।
पत्र को पहली नजर में देखने पर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुआ है। पत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की फोटो, आधिकारिक लेटरहेड और शासन का लोगो लगा हुआ था। इस पत्र के जरिए आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मला निगवाल का तबादला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयगढ़ से सोंडवा करने का निर्देश दिया गया था।
फोंट और भाषा देखकर पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
पत्र की भाषा, फोंट और आधिकारिक प्रारूप में अंतर दिखने पर सीएमएचओ डॉ. अतुलकर को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। पुष्टि होने पर कि शासन स्तर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ हैए कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
श्यामपुरा से मुकेश गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी ज्योति उमठ बघेल और एसडीओपी शक्तिसिंह चौहान के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। साइबर पुलिस की मदद से जब संदिग्ध मोबाइल नंबर और डिजिटल सुरागों को ट्रेस किया गया तो लोकेशन सीधे सीहोर जिले की मिली। पुलिस की टीम ने सीहोर के ग्राम श्यामपुरा में दबिश देकर आरोपी मुकेश पिता रामसिंह भोसले को गिरफ्तार कर लिया।
45 हजार के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ने खोली पोल
पुलिस जांच में सीहोर निवासी मुकेश के मोबाइल से वित्तीय लेन-देन का बड़ा सुराग हाथ लगा। उसके मोबाइल में सोंडवा साकड़ी निवासी नवलसिंह पिता घिरमटिया सरतिया के खाते से 45 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पाया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी मुकेश ने कबूला कि मुख्यमंत्री का फर्जी लेटर तैयार कर तबादला आदेश भेजने का सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ था।
जांच के दायरे में अन्य लोग
सीहोर निवासी आरोपी मुकेश से पूछताछ कर पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हैं। क्या सीहोर से बैठकर आरोपी ने पहले भी इस तरह के फर्जी लेटर पैड बनाए हैं, पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य लोगों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।