Sehore News: सीहोर। कुबेरेश्वरधाम में कांवड़ यात्रा में शामिल होने आई नागपुर महाराष्ट्र की 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रद्धालु कौशल्या बाई कवड़े की रविवार को अचानक दिल का दौरा पडऩे से मौत हो गई। घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने मृतका का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और बिना पंचनामा-पीएम की औपचारिकताएं पूरी किए शव को निजी एम्बुलेंस से अपने गृह नगर नागपुर ले गए।
जानकारी के मुताबिक कौशल्या बाई अपने परिवार के साथ 25 अगस्त को आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा और दर्शन के सिलसिले में कुबेरेश्वरधाम पहुंची थीं। रविवार दोपहर धाम परिसर में विश्राम के दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे अचेत होकर गिर पड़ीं। धाम की एम्बुलेंस से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल सीहोर ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर उमेश श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने मौत की वजह साइलेंट हार्ट अटैक बताई है।
परिजनों ने पीएम कराने से किया इनकार
अस्पताल में मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बदहवास परिजन अस्पताल परिसर में बिलखते नजर आए। अस्पताल प्रबंधन द्वारा कागजी कार्रवाई और पोस्टमार्टम की बात कहे जाने पर परिजनों ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे वृद्धा के शव का कोई चीर फाड़ नहीं कराना चाहते और रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। इसके बाद परिजन निजी वाहन की व्यवस्था कर पार्थिव देह लेकर नागपुर रवाना हो गए।
आपातकालीन चिकित्सा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कुबेरेश्वरधाम में लाखों की भीड़ के बीच उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। 25 अगस्त की कांवड़ यात्रा के लिए देश भर से बुजुर्ग और महिलाएं सीहोर पहुंच रहे हैं। ऐसे में धाम परिसर में तुरंत और प्रभावी आईसीयू या कार्डियक इमरजेंसी सुविधाएं न होना बेहद चिंताजनक है। बीते सालों में भी अव्यवस्थाओं के कारण कई श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आयोजन स्थल पर पुख्ता मेडिकल रिस्पॉन्स टीम का अभाव प्रशासन और समिति के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है।


