टेंशन… सीहोर मुख्यालय की दहलीज तक पहुंचा बाघ, किया बकरी का शिकार

सीहोर। जिले में हिंसक वन्य प्राणी बाघ की लगातार मौजूदगी ने अब सीधे जिला मुख्यालय की दहलीज पर खतरे की घंटी बजा दी है। एक दिन पहले शाहगंज क्षेत्र में हाईवे पर टाइगर दिखने के बाद अब सीहोर शहर के बिल्कुल मुहाने पर बसे जहांगीरपुरा गांव में बाघ ने दस्तक दे दी है। बीती रात हिंसक वन्य प्राणी ने जहांगीरपुरा में एक ग्रामीण की बकरी पर हमला कर उसका शिकार कर लिया।

गौर करने वाली बात यह है कि जहांगीरपुरा गांव सीहोर जिला मुख्यालय से महज 6 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में स्वत: ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि वन विभाग ने पूरी मुस्तैदी और गंभीरता से निगरानी नहीं बढ़ाई तो वह दिन दूर नहीं जब टाइगर जंगलों की सीमा लांघकर सीहोर शहर के रहवासी इलाकों में दस्तक दे देगा। इस आशंका ने ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी आबादी की भी नींद उड़ा दी है।
धवोटी-धामनखेड़ा मार्ग पर फिर दिखा बाघ, वीडियो वायरल
बकरी के शिकार की घटना के बाद धवोटी से धामनखेड़ा जाने वाले मार्ग पर भी हिंसक प्राणी देखे जाने की खबर सामने आई है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे कोनाझिर और कालापहाड़ क्षेत्र का बताया जा रहा है। हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता और वन्य प्राणी की पहचान को लेकर वन विभाग की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन लगातार आ रही खबरों से इलाके में दहशत चरम पर है।
शिक्षकों और राहगीरों के लिए अलर्ट जारी
धवोटी-धामनखेड़ा मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीर, ग्रामीण और शासकीय कर्मचारी आवागमन करते हैं। विशेष रूप से रोजाना ड्यूटी पर जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को इस रास्ते पर आवाजाही करते समय बेहद सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सुनसान रास्तों पर अकेले जाने या अनावश्यक रूप से रुकने से बचें।
लाउडस्पीकर से गांवों में मुनादी
मामले की संवेदनशीलता और सीहोर शहर से नजदीकी को देखते हुए वन विभाग का अमला हरकत में आया। अधिकारियों ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराई। ग्रामीणों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा गया कि कोई भी व्यक्ति अकेला जंगल की ओर न जाए और न ही अपने मवेशियों को चरने के लिए वन क्षेत्र में भेजे।
फोटो-वीडियो बनाने के चक्कर में न पड़ें
वन विभाग ने ग्रामीणों को सबसे सख्त हिदायत वन्य प्राणी के करीब न जाने की दी है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कहीं टाइगर दिखाई दे तो कोई भी उसकी फोटो या वीडियो बनाने के लिए उसके पास जाने की गलती बिल्कुल न करे। ऐसा करने पर वन्य प्राणी आक्रामक होकर हमला कर सकता है।
डिप्टी रेंजर बोले, अफवाहों से बचें, तुरंत दें सूचना
डिप्टी रेंजर विजय कसौटिया ने ग्रामीणों से संयम बरतने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हर दावे को सच न मानें और यदि कहीं भी वन्य प्राणी या उसकी मूवमेंट दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
24 घंटे निगरानी का दावा, पर शहर पर मंडराया खतरा
जहांगीरपुरा और धवोटी में लगातार दो दिनों से बाघ की मौजूदगी से पूरा इलाका सहमा हुआ है। हालांकि वन विभाग 24 घंटे गश्त और निगरानी का दावा कर रहा है, लेकिन जिस तरह से बाघ सीहोर मुख्यालय के इतने करीब 6-7 किमी तक आ पहुंचा है, उससे साफ है कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक शहर और आसपास के इलाकों पर खतरा बरकरार रहेगा।