गणेश पूजा के दौरान अधिकारियों ने पहनी साड़ी, बजरंग दल का अल्टीमेट…

सीहोर। बुधनी स्थित प्रसिद्ध औद्योगिक संस्थान वर्धमान फैब्रिक्स में गणेश पूजा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही विवादों में घिर गया है। वायरल वीडियो में फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी महिला परिधान साड़ी पहनकर थिरकते नजर आ रहे हैं। इस आयोजन और उसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने को लेकर मजदूर यूनियन ने कड़ा आक्रोश जताया है।
सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो में साड़ी पहनकर डांस कर रहे लोगों में वर्धमान फैब्रिक्स के सीजीएम हर्षमणि त्रिपाठी और फैक्ट्री मैनेजर दीपक राणा समेत प्रबंधन के अन्य उच्च अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
सामाजिक मर्यादा पर उठा सवाल
बता दें बुधनी क्षेत्र अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में किसी औद्योगिक घराने के बड़े अधिकारियों द्वारा इस प्रकार की प्रस्तुति देने और उसका वीडियो सार्वजनिक होने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी संस्थान में आंतरिक मनोरंजन एक अलग विषय है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर वायरल होने वाले वीडियो की प्रस्तुति और उसके सामाजिक प्रभाव की जिम्मेदारी आयोजकों की होनी चाहिए। वर्धमान फैब्रिक्स में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और युवतियां कार्यरत हैं, जो अधिकारी नेतृत्व और नैतिक आचरण की मिसाल होते हैं, उनके ऐसे रवैये का कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि यदि यह कार्यक्रम कंपनी परिसर का आंतरिक आयोजन था तो इसका वीडियो सोशल मीडिया पर किसने और किस मंशा से लीक किया।
बजरंग दल का अल्टीमेटम
मामले को लेकर धार्मिक संगठन बजरंग दल ने भी तीखा रुख अपनाया है। बजरंग दल के प्रमुख राहुल राजपूत ने कहा वर्धमान के अधिकारी ऐसे वीडियो वायरल करके समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं, फैक्ट्री में हजारों महिलाएं काम करती हैं, इस आचरण का उन पर गलत प्रभाव पड़ेगा। प्रबंधन को अपने इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा बजरंग दल उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
मजदूर यूनियन का हमला
स्पिनिंग मिल्स मजदूर एकता यूनियन के प्रदेश सचिव कुलदीप राजपूत ने अधिकारियों की इस हरकत पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस कारखाने को स्थानीय मजदूर, हमारी माताएं और बहनें अपने पसीने से सींचती हैं। जिन अधिकारियों से अनुशासन और नैतिक नेतृत्व की उम्मीद की जाती है, वही मर्यादाएं तार-तार कर रहे हैं। बाहरी क्षेत्रों से आए अधिकारियों को स्थानीय परंपराओं, सामाजिक मर्यादा और मजदूर वर्ग की भावनाओं का कोई सम्मान नहीं है।
प्रबंधन के गैर-जिम्मेदाराना बयान से भडक़ा विवाद
मामले ने तूल तब और पकड़ लिया जब प्रबंधन की ओर से प्रतिक्रिया मांगी गई। वर्धमान प्रबंधन से जुड़े दिनेश केटी ने इस आपत्ति को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इसमें क्या गलत है। प्रबंधन की ओर से आए इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।