कपिल हत्याकांड का खुलासा, कार से टक्कर मारकर हत्या करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

  • सीहोर। थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कपिल नामक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास की इस वारदात को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें न्यायालय में पेश कर दिया गया है। घटना में प्रयुक्त की गई मारुति अल्टो कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 05 अक्टूबर को मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान घटना के चश्मदीद गवाहों मितेश राठौर और राजा राय तथा अन्य साक्षियों के कथनों से यह स्पष्ट हुआ कि मामला प्रथम दृष्टया हत्या माना। इसके बाद थाना कोतवाली में आरोपी ओमदीप परमार के विरुद्ध हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।
    एसपी-एएसपी-सीएसपी के मार्गदर्शन में गठित हुई टीम
    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक गिरीश दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था। अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पतासाजी कर उन्हें गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
    सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए आरोपी
    पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र का उपयोग करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने मुख्य आरोपी ओमदीप परमार पिता बाबूलाल परमार निवासी ग्राम बमुलिया और उसके साथी दिनेश मेवाड़ा पिता पदम सिंह मेवाड़ा निवासी ग्राम थूना को दबोच लिया। आरोपी दिनेश मेवाड़ा की निशानदेही पर वह कार भी जब्त कर ली गई है, जिसका इस्तेमाल आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से कपिल राठौर की मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मारने के लिए किया था। पुलिस के अनुसार प्रकरण में शामिल अन्य साथियों की तलाश अभी जारी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    इस अंधे कत्ल का खुलासा करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे, उप निरीक्षक विक्रम आदर्श, उप निरीक्षक विवेक आर्य, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र परमार, आरक्षक हमीर सिंह, आरक्षक कृष्णकांत, आरक्षक जितेन्द्र चंद्रवंशी, आरक्षक कपिल मेवाड़ा, आरक्षक विवेकप्रताप सिंह, आरक्षक चेतन चौहान, आरक्षक राजकुमार और आरक्षक विष्णु की भूमिका रही।