#Sehore, सीहोर। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सीहोर शहर क्षेत्र में बिजली चोरी की जांच करने पहुंची विभागीय टीम पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हमला करने, अभद्रता करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के दौरान आरोपियों ने महिला कर्मचारी के साथ भी हाथापाई की और उनका गला दबाने का प्रयास किया। मामले की सूचना मिलने के बाद थाना कोतवाली सीहोर में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली चोरी की गुप्त सूचना मिलने पर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रबंधक जोन.2 साधना कवरेती के नेतृत्व में एक जांच टीम शहर के कंजर चौराहा क्षेत्र पहुंची थी। टीम जब एक उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन की बारीकी से जांच कर रही थी, तभी वहां मौजूद कुछ लोग उग्र हो गए और टीम का विरोध करने लगे।
देखते ही देखते विरोध मारपीट में बदल गया। आरोपी जयप्रकाश, जयवंती और उनके सहयोगियों ने जांच टीम के साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के मुताबिक उग्र भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी प्रीति शुक्ला का गला दबाने की कोशिश की। वहीं लाइन हेल्पर राहुल चौहान के साथ मारपीट करते हुए उनका हाथ मरोड़ दिया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने चेकिंग टीम पर ईंट-पत्थर फेंककर जानलेवा हमला करने का प्रयास भी किया।
पुलिस की मदद से बची टीम
मौके पर स्थिति बिगड़ती देख और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में पड़ता देख, जांच टीम ने तुरंत आपातकालीन पुलिस सेवा 112 पर फोन कर सहायता मांगी। पुलिस बल के मौके पर पहुंचते ही आरोपी शांत हुए, जिसके बाद टीम ने राहत की सांस ली और सीधे कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
इन 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
बिजली कंपनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर में कंजर चौराहा निवासी आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जिनमें जयप्रकाश, करन सिलावट, सचिन सिलावट, दीपक, जयवंती, रानी, मीरा और आदित्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले की विवेचना जारी है।
बिजली कंपनी का सख्त रुख
घटना के बाद मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मैदानी अमले के साथ हुई इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। कंपनी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऑन-ड्यूटी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का दुव्र्यवहार, मारपीट या शासकीय काम में रुकावट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंपनी ने अपने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि यदि भविष्य में ऐसी कोई भी अप्रिय घटना होती है तो बिना किसी देरी के तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


