राशन माफिया पर नकेल, #बुधनी में 4 दुकानों पर केस दर्ज, इछावर की भी शिकायत

@सीहोर। जिले में गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले राशन माफिया और लापरवाह दुकान संचालकों के खिलाफ जन-आक्रोश फूट पड़ा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने भी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले खाद्यान्न में भारी गड़बड़ी को लेकर जिले के दो अलग-अलग क्षेत्र बुधनी और इछावर से बड़े मामले सामने आए हैं।
बुधनी में औचक निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई
बुधनी एसडीएम संजीव नागू के सख्त रुख के बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी पिंकी शाक्य ने खैरी सिलगेना, नांनमेट, रतनपुर, खिडिय़ाकुर्मी और चिकल्ली की उचित मूल्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए, जब रजिस्टर्ड रिकॉर्ड और दुकानों में रखे वास्तविक खाद्यान्न के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
ग्रामीणों ने मौके पर शिकायत की कि दुकानें तय समय पर नहीं खोली जातीं और पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद राशन नहीं बांटा जाता। मामले की पुष्टि होने पर प्रशासन ने चारों दुकानों के खिलाफ विधिवत प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही संबंधित सेवा सहकारी समिति प्रबंधकों, स्व. सहायता समूह अध्यक्षों और विक्रेताओं को श्सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इछावर के झरखेड़ा में ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
उधर इछावर तहसील के ग्राम झरखेड़ा के दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। विंध्याचल स्व. सहायता समूह ललियाखेड़ी द्वारा संचालित राशन दुकान के खिलाफ ग्रामीणों ने लिखित शिकायत सौंपी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संचालक अनपढ़ और असहाय गरीबों के घर-घर जाकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवा लेते हैं। मशीन में फिंगरप्रिंट लगते ही ऑनलाइन रिकॉर्ड में राशन का उठान दर्ज हो जाता है, लेकिन पिछले 6 महीनों से ग्रामीणों को अनाज की एक बोरी तक नसीब नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने दिए दो विकल्प
झरखेड़ा के ग्रामीणों ने एसडीएम से गुहार लगाई है कि गांव में हर महीने कम से कम एक निश्चित दिन दुकान खोलकर खाद्यान्न बांटा जाए। या फिर उन्हें पड़ोस की आर्या उचित मूल्य दुकान से संबद्ध किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
कलेक्टर और एसडीएम का कड़ा संदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधनी एसडीएम संजीव नागू ने कहा है कि गरीबों के राशन में कालाबाजारी और लापरवाही को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में दोष सिद्ध होते ही दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे और दोषियों को सीधे जेल भेजा जाएगा।