मांगों पर अड़े कृषि विस्तार अधिकारी, शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Sehore News: सीहोर। कृषि विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी से नाराज मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने 25 अगस्त से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत कर दी है। अधिकारियों के अचानक मैदान छोड़ देने से सीहोर जिले में किसानों से जुड़ी विभागीय योजनाएं और मैदानी काम पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
हड़ताल का मुख्य कारण ई-एचआरएमएस प्रणाली में अनिवार्य की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था और वेतन-भत्तों से जुड़ी विसंगतियां हैं। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष मोहन डामोर के अनुसार अधिकारी ई-अटेंडेंस को तुरंत समाप्त करने, 2800 का ग्रेड-पे लागू करने, अतिरिक्त केंद्र भत्ता 500 से बढ़ाकर 5000 प्रति माह करने और पटवारियों के समान 4000 एग्री स्टेक भत्ता देने की मांग पर डटे हुए हैं।
आर-पार के मूड में अधिकारी
हड़ताल पर जाने से पहले संघ ने अपनी मांगों को लेकर सिलसिलेवार आंदोलन किया था। इसके तहत ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, कलमबंद हड़ताल और 21 अगस्त को भोपाल के अंबेडकर पार्क में विशाल प्रांतीय प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 24 अगस्त को अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध जताया, लेकिन जब सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन काम बंद आंदोलन का रास्ता चुना गया।
किसानों की बढ़ेगी परेशानी, विभागीय काम ठप
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर मध्य प्रदेश के लाखों किसानों और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ेगा। खरीफ फसल के इस सीजन में खाद-बीज की सलाह, गिरदावरी, योजनाओं के भौतिक सत्यापन और किसान कल्याण से जुड़े सभी मैदानी कार्य प्रभावित होंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक शासन उनकी जायज मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।