Sehore News: सीहोर। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए दलहन फसलों को लेकर राहत दी है। किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग ने ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के उपार्जन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। इसके साथ ही उड़द बेचने वाले किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने उड़द उपार्जन पर 600 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने का ऐलान किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर मिलने वाले इस बोनस से किसानों की आय में सीधे इजाफा होगा और राज्य को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
20 अगस्त तक होगी मूंग और उड़द की खरीद
सरकार ने मूंग और उड़द उपार्जन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 20 अगस्त कर दिया है, जिससे किसान आसानी से अपनी फसल बेच सकें। इसके अलावा प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत मूंग बेचने वाले किसानों के लिए स्लॉट बुक करने की अंतिम तारीख भी 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसानों को अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
अब 60 प्रतिशत तक उपज खरीदेगी सरकार
किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उपार्जन नीति में आंशिक संशोधन भी किया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसान अपनी कुल मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक हिस्सा सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे। वहीं खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश भर में हाइब्रिड मोड लागू कर दिया गया है। सरकार के इन फैसलों से जिले सहित प्रदेश भर के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।


