कार्यकारिणी आते ही कांग्रेस में खडक़े घर के बर्तन…

#Sehore, सीहोर। कहते हैं न कि जब घर के बर्तन खडक़ते हैं तो आवाज दूर तक जाती है। जिले की कांग्रेस पार्टी में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। एक लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी का ऐलान हो ही गया। जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने एआईसीसी की नई गाइडलाइन का पालन करते हुए जंबो कार्यसमिति की पुरानी परंपरा को दरकिनार कर 51 सदस्यीय छोटी और युवा कार्यसमिति क्या बनाई, पार्टी के भीतर मानों भूचाल आ गया।
वैसे तो कांग्रेस पार्टी पहले से ही प्रदेश की सत्ता से करीब 20 सालों से बाहर है। अगर बात सीहोर जिले की करें तो सीहोर, आष्टा और इछावर विधानसभा में 35 साल से कांग्रेस का सूखा चल रहा है और अब बुधनी में भी यह आंकड़ा इसी दहलीज पर पहुंच चुका है। ऐसे में उम्मीद थी कि नई कार्यकारिणी संगठन में जान फूंकेगी, लेकिन लिस्ट आते ही कांग्रेस के घर के बर्तन इस कदर खडक़े कि सोशल मीडिया पर विरोध के सुर गूंज उठे। रोचक बात यह है कि बर्तन खडक़ाने वाले नेताओं में इक्का-दुक्का छोड़ लगभग सभी सीहोर शहर के ही कांग्रेस नेता शामिल हैं।
क्या है नई कार्यकारिणी का गणित
एआईसीसी के निर्देशों के तहत इस बार 45 वर्ष की औसत आयु और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर देते हुए 51 सदस्यों की टीम बनाई गई है, जिसमें हर विधानसभा से लगभग 10 लोगों को जगह दी गई है।
लिस्ट आते ही सोशल मीडिया पर निकला दर्द

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव जफर लाला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे 45 साल से निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और जिला उपाध्यक्ष का यह पद किसी युवा साथी को दे दिया जाए, क्योंकि उनकी निष्ठा किसी पद की मोहताज नहीं है।
  • विरोध का सबसे अनोखा तरीका सईद लाला मंसूरी ने चुना। उन्होंने ऐलान कर दिया कि वे भोपाल स्थित पीसीसी परिसर में अपना सिर मुंडन कराकर इस सूची का कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।
  • मुनव्वर मामू ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर तत्काल प्रभाव से पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं ब्रजेश पटेल ने भी अपनी मां के नाम पर मिले पद को लेकर ऐतराज जताया और यह स्थान किसी वरिष्ठ नेता को देने की बात कही।
  • इलियास खान ने इस सूची को असंतुलित और अपमानजनक बताते हुए बनेसिंह नेताजी, अरविंद चौहान और सदरुद्दीन जैसे सीनियर नेताओं को दरकिनार करने पर सवाल उठाए।
  • आशीष अग्रवाल रोहिला ने तो शेरो-शायरी अंदाज में तंज कसते हुए लिखा जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहिले हर लेही।