#Sehore, सीहोर। विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर बुलाई गई भारतीय जनता पार्टी की पत्रकार वार्ता मंगलवार को जिले की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गई, जब पार्टी के जिलाध्यक्ष ही इससे नदारद नजर आए। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस को जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा को संबोधित करना था। हालांकि आखरी समय में जिलाध्यक्ष ने प्रेस वार्ता से दूरी बना ली। इसके बाद पूरी प्रेसवार्ता की कमान मेवाड़ा दंपति (जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा और उनके पति भाजपा नेता सुरेंद्र मेवाड़ा) ने संभाली। उनके साथ भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी प्रीतेश राठौर भी उपस्थित रहे।
बता दें भाजपा द्वारा मीडिया को जारी शुरुआती सूचना के अनुसार इस पत्रकार वार्ता में पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा खुद मौजूद रहकर मीडिया के सवालों का जवाब देने वाले थे। लेकिन जब प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हुई तो मंच पर जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई और उनकी जगह रचना मेवाड़ा के साथ उनके पति सुरेंद्र मेवाड़ा मोर्चा संभालते नजर आए।
विशेष गहन पुनरीक्षण पर कांग्रेस को घेरा
भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित इस पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जनता के बीच भ्रम और भ्रामक प्रचार फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा जारी स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा
- 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एसएस संधू एवं डॉ. विवेक जोशी की बैठक के बाद स्पष्ट किया जा चुका है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के सभी प्रमुख फैसले चुनाव आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के प्रशासनिक कामकाज से जुड़ा आंतरिक मामला था।
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रपत्र-6 के साथ संलग्न घोषणा-पत्र को वैध ठहराया गया है और विशेष पुनरीक्षण अवधि के बाहर पूर्व निर्धारित नियम ही लागू रहेंगे।
संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करे विपक्ष
रचना सुरेंद्र मेवाड़ा और सुरेंद्र मेवाड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोडऩे के लिए विशेष शिविरों और बीएलओ के जरिए घर-घर जाकर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा ईवीएम और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह करने का काम करती है, जबकि विपक्ष को अनर्गल आरोपों के बजाय आधिकारिक तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।


