Sehore News: सीहोर। सावन मास के अंतिम सोमवार को लेकर कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। रविवार को ही 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया। सीवन नदी तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी आवक के चलते शहर के सभी होटले पूरी तरह फुल हो चुके हैं।
कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव बहुत भोले हैं और वे आडंबर या पाखंड से नहीं, बल्कि सच्चे भाव से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने संदेश दिया कि मन में सच्ची निष्ठा रखते हुए रोज श्रद्धा और विश्वास के साथ केवल एक लोटा जल भगवान शिव को अर्पित करें। भक्ति में दिखावे के बजाय भाव का महत्व सबसे ऊपर है।
25 अगस्त को सुबह 9 बजे निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा
आगामी 25 अगस्त को सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। विठलेश सेवा समिति और जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। पंडित मिश्रा ने कांवड़ यात्रा को शिव और शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि जल लेकर चलने वाले कांवडिय़ों और मार्ग में उनकी सेवा करने वाले सेवादारों, दोनों पर ही भगवान शिव की असीम कृपा बरसती है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे 100 से अधिक शिवभक्त
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि हरिद्वार से 100 से अधिक कांवड़ यात्री गंगाजल लेकर सीहोर पहुंचे हैं। बस स्टैंड पर वाहन पार्क करने के बाद भगवा वस्त्रधारी युवा डाक कांवडय़िों ने सीवन नदी तट से पैदल जयकारों और भजन-कीर्तन के साथ धाम की ओर प्रस्थान किया और रविवार को जलाभिषेक किया।
200 क्विंटल खिचड़ी का लगेगा महाभोग
सावन के अंतिम सोमवार को कुबेरेश्वरधाम में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 200 क्विंटल से अधिक खिचड़ी का भोग लगाकर प्रसादी वितरित की जाएगी। इसके अलावा नियमित रूप से रोटी-सब्जी, नुक्ती, फलहारी नमकीन और मिठाइयों का वितरण किया जा रहा है। कांवड़ मार्ग पर 100 से अधिक सेवा पंडालों के जरिए पेयजल, चाय-नाश्ता और प्रसादी की व्यवस्था की गई है।


