सीहोर जिला आपूर्ति अधिकारी का अव्यवहारिक दावा…

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सीहोर। जिले में रसोई गैस की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। एक ओर जहां जिला आपूर्ति अधिकारी रेशमा भामोर दावा कर रही हैं कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आ रही है। शनिवार को गैस एजेंसियों के बाहर उस समय अजीब स्थिति निर्मित हो गई जब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जवानों को मोर्चा संभालना पड़ा।
जिला आपूर्ति अधिकारी का यह दावा कि आपूर्ति सुचारू है, उपभोक्ताओं के लिए ‘अव्यवहारिक’ साबित हो रहा है। जिले भर में गैस बुकिंग का ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ा है। बुकिंग न होने के कारण लोग घबराए हुए हैं और ऑफलाइन नंबर लगाने के लिए सुबह से ही एजेंसियों के बाहर कतारों में लग रहे हैं। शनिवार को हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस की मौजूदगी में नंबर लगाए गए। उपभोक्ता अपना जरूरी काम और मजदूरी छोडक़र दिन भर लाइन में लगने को मजबूर हैं।
व्यवसायिक उपयोग पर प्रशासन की टेढ़ी नजर
इधर कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर खाद्य विभाग अब उन लोगों पर सख्ती कर रहा है जो घरेलू गैस का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि घरेलू सिलेंडरों के होटलों और दुकानों में अवैध उपयोग की वजह से भी आम जनता को परेशानी हो रही है।
भैरूंदा में 08 सिलेंडर जब्त
खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को भैरूंदा में औचक निरीक्षण किया। सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रकाश यादव के नेतृत्व में टीम ने 10 से अधिक होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान घरेलू सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग करते पाए जाने पर 08 सिलेंडर जब्त किए गए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
गैस की कोई कमी नहीं
इन तमाम अव्यवस्थाओं के बीच जिला आपूर्ति अधिकारी रेशमा भामोर का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और स्टॉक पर्याप्त है। हालांकि अधिकारी यह बताने में विफल रहे कि यदि स्टॉक पर्याप्त है तो जनता को कतारों में क्यों खड़ा होना पड़ रहा है और ऑनलाइन सिस्टम कब तक सुधरेगा।