सीहोर। बॉलीवुड की फिल्मों में तो आपने हीरो-हीरोइन के बदलने या रूप बदलने की कहानियां खूब देखी होंगी, लेकिन सीहोर जिले से भू-माफियाओं का एक ऐसा सिनेमैटिक कारनामा सामने आया है, जिसे देखकर डायरेक्टर भी चक्कर खा जाएं। यहां जमीन बेचने के लिए असली बाप को दरकिनार कर, महज 5-10 हजार रुपए की दिहाड़ी पर नकली बाप ही बाजार में उतार दिया गया। इंदौर-भोपाल के निवेशकों को चूना लगाने वाले इस अनोखे फर्जीवाड़े ने सबको हक्का-बक्का कर दिया है।
बता दें जमीन के कारोबार में मोटे मुनाफे का सपना दिखाना तो पुरानी बात हो गई है, लेकिन यहां भू-माफियाओं ने शातिरपन की सारी हदें पार करते हुए गजब का जुगाड़ निकाला। आरोप है कि जमीन के एग्रीमेंट और अनुबंध के दौरान असली माता-पिता की जगह किसी दूसरे ही व्यक्ति को खड़ा कर दिया जाता था। हद तो तब हो गई जब एक पूर्व सरपंच साहब को ही चंद हजार रुपए देकर किराए का नकली पिता बना डाला गया। अब इसे ठगी कहें या सीहोर का नया पारिवारिक ड्रामा, फैसला आप खुद कीजिए।
3 करोड़ की जमीन 85 लाख में!
ठगी के इस नायाब खेल के कलाकारों ने निवेशकों को फांसने के लिए तगड़ा जाल बिछाया था। निवेशकों को यह चवन्नी छाप कहानी सुनाई गई कि सीहोर में करीब 2000 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र रातों-रात प्रकट होने वाला है। इसके बाद शुरू हुआ डिस्काउंट ऑफर, मार्केट भाव 3 करोड़ रुपए प्रति एकड़। भू-माफिया का स्पेशल ऑफर महज 80 से 85 लाख रुपए प्रति एकड़। इतना भारी डिस्काउंट देखकर अच्छे-अच्छे समझदार लोग भी बहक गए। इंदौर और भोपाल के व्यापारियों ने सोचा कि लॉटरी लग गई है और फटाफट 25 लाख, 30 लाख से लेकर 40 लाख रुपए तक बयाने के रूप में थमा दिए।
एक ही जमीन, खरीदार पूरे सात
इस फर्जीवाड़े का सबसे मजेदार और खौफनाक सच यह है कि जिस एक अदद जमीन का सौदा किसी एक भोले-भाले निवेशक से किया जाता था, वही जमीन कागजों पर 7 से 8 अलग-अलग लोगों को चिपका दी जाती थी। यानी प्लॉट एक, लेकिन उस पर दावेदार सात-आठ लोग। सबने बयाना दे दिया और मजे की बात यह है कि किसी को कानोकान खबर तक नहीं हुई कि उनके अलावा छह और लोग उस जमीन के असली मालिक बनने का सपना देख रहे हैं।
इस खेल में भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त सूबेदार एसएन यादव भी फंस गए, जिन्होंने 25 लाख रुपए एडवांस देकर जब तसल्ली करनी चाही तो पता चला कि भाई साहब, इस जमीन के तो कई और दावेदार लाइन में खड़े हैं।
डेढ़ से दो करोड़ का गबन और पुलिस की एंट्री
इस अनोखे फर्जीवाड़े में नारायण सिंह, बंसीलाल, सुनील यादव, संजू यादव से लेकर इरफान खान, सोहेल खान और अलीम खान जैसे कई नाम सामने आए हैं। ठगी की यह रकम बढक़र डेढ़ से दो करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।
मामले पर कोतवाली टीआई गिरीश दुबे का कहना है कि इंदौर के निवेशकों एसएन यादव और पूनमचंद राठौर आदि की शिकायत मिल चुकी है। बयानों और दस्तावेजों की जांच चल रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


