#Sehore, सीहोर। शहर में बाघ की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। एक दिन पहले मंगलवार की अल सुबह 6 बजे अवधपुरी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास बाघ आगे के दरवाजे से घुस आया था, जो पीछे के दरवाजे से निकलकर भागा था। क्षेत्र में बाघ होने की खबर फैलते ही दहशत का माहौल बन गया। वन विभाग की टीमें भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी, दिन भर सर्चिंग की, लेकिन बाघ नहीं मिला। बताया जा रहा है कि देर रात बाघ के थूनाखुर्द गांव में होने की खबर पर वन विभाग के अमले ने रात भर सर्चिंग की, लेकिन पता नहीं चल सका।
बता दें बाघ को ढूंढने के लिए वन विभाग ने 24 घंटे का कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सर्च ऑपरेशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार-चार सदस्यों की 4 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें 6.6 घंटे की पाली में लगातार इलाके में गश्त कर रही हैं। चार सदस्यीय विशेष सर्च टीमों के ठीक पीछे वन विभाग का अतिरिक्त अमला और वरिष्ठ अधिकारी भी चल रहे हैं, ताकि बाघ की लोकेशन मिलते ही तुरंत घेराबंदी की जा सके।
ड्रोन कैमरे से निगरानी
बाध की खोजबीन के लिए घने खेतों और झाडिय़ों में छिपाव की आशंका को देखते हुए वन विभाग ड्रोन कैमरों की मदद से भी ऊपर से नजर रख रहा है। बीती रात थूनाखुर्द और आसपास के इलाकों में गहन सर्च अभियान चलाया गया, हालांकि वन विभाग की टीम को फिलहाल वहां बाघ के पंजों के निशान नहीं मिले हैं। वन अमला इस कदर अलर्ट है कि जहां-जहां से भी बाघ दिखने की खबर आ रही है, टीम तुरंत मौके पर पहुँचकर जांच कर रही है।
महिला के सामने से भागा बाघ
इससे पहले मंगलवार सुबह अवधपुरी पानी की टंकी के पास में बाघ की मौजूदगी से शहर में सनसनी फैल गई। पीडि़त महिला सीता बाई ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया। मैं सुबह करीब 6 बजे अपने घर के आंगन में झाड़ू लगा रही थी। अचानक हमारा कुत्ता जोर-जोर से भोंकने लगा। मैंने मुडक़र देखा तो मेरे होश उड़ गए, सामने से सचमुच का बाघ घर के आगे वाले दरवाजे से अंदर दाखिल हो रहा था। वह कुत्ते को खदेड़ते हुए सीधे पीछे वाले दरवाजे की तरफ लपका और मेरे महज दो कदम दूर से गुजर गया। रोंगटे खड़े हो गए थे, समझो आज भगवान ने ही बचा लिया, वरना मेरी जान चली जाती।
5 दिनों में 3 बार दस्तक, कालोनियों में हडक़ंप
मंगलवार को अवधपुरी में सीता बाई के घर से निकलने के बाद सुबह करीब 6.30 बजे मुरली इलाके के सुमेर सिंह, मनीष और सतीश परमार ने भी बाघ को बेझिझक घूमते देखा। वन विभाग को जांच के दौरान सुनेर भाई के खेत में बाघ के स्पष्ट पगमार्क और घास पर बैठने के साक्ष्य मिले हैं। बता दें इससे 6 दिन दिन पहले मुख्यालय के नजदीकी ग्राम जहांगीरपुरा में बाघ की हलचल देखी गई थी। चार दिन पहले दशहरा बाग इलाके में मौजूदगी दर्ज हुई। जबकि मंगलवार को अवधपुरी, मुरली पहुंच पहुँच गया, यहां से रात को थूना खुर्द बाघ को देखा गया।


