सिंहस्थ में सीहोर बनेगा क्राउड कंट्रोल हब…

सीहोर। उज्जैन सिंहस्थ-2028 में आस्था का सैलाब उमडऩे से पहले प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सामने आए लंबे ट्रैफिक जाम से सबक लेते हुए अब ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं को सडक़ पर घंटों फंसे ंसे रहने के बजाय सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर रोका जा सके। इसी रणनीति में सीहोर को महत्वपूर्ण क्राउड कंट्रोल हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
प्रशासनिक योजना के मुताबिक सीहोर में करीब एक लाख श्रद्धालुओं की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां भीड़ बढऩे पर श्रद्धालुओं को अस्थायी रूप से रोका जाएगा और यातायात सामान्य होने के बाद उन्हें चरणबद्ध तरीके से उज्जैन की ओर रवाना किया जाएगा। इससे अचानक बढऩे वाले ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
सडक़ किनारे इंतजार नहीं, सुविधाओं के बीच ठहराव
प्रस्तावित होल्डिंग एरिया महज भीड़ रोकने की जगह नहीं होगा। यहां श्रद्धालुओं के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, महिला और पुरुष शौचालय, भोजन, चाय-नाश्ता, कैंटीन और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। मकसद यह है कि यदि आगे का मार्ग कुछ समय के लिए रोका जाता है तो श्रद्धालुओं को असुविधा और असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
प्लेटफॉर्म नंबर-2 की ओर साइट का निरीक्षण
सिंहस्थ और कुबरेश्वर धाम में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे भी सीहोर स्टेशन की तैयारियों में जुटा है। रतलाम मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार होल्डिंग एरिया या स्टे निर्माण के लिए द्वारा सीहोर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 की ओर स्थित साइट का प्राथमिक निरीक्षण किया जा चुका है। हालांकि स्थल का अंतिम चयन अभी होना बाकी है और जरूरत के मुताबिक अन्य स्थानों का भी परीक्षण किया जा सकता है।
नौ जिलों में तैयार होगा भीड़ नियंत्रण का नेटवर्क
सिंहस्थ के दौरान भीड़ का दबाव केवल उज्जैन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इसी वजह से सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और धार को भीड़ नियंत्रण की व्यापक योजना में शामिल किया गया है। इनमें सीहोर और धार को प्रमुख होल्डिंग पॉइंट के तौर पर देखा जा रहा है। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीहोर अहम पड़ाव बन सकता है।
ऑनलाइन बैठक के बाद शुरू हुआ स्थल चयन
नौ जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक हो चुकी है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर संभावित होल्डिंग एरिया की जगहों को चिह्नित करने और वहां उपलब्ध सुविधाओं का आकलन शुरू किया गया है। सीहोर प्रशासन को स्थल, क्षमता, पार्किंग और आवश्यक सुविधाओं का विस्तृत प्लान तैयार कर शासन को भेजना है। इसके बाद अंतिम रूपरेखा तय होगी।
रेलवे स्टेशन पर भी हाईटेक इंतजाम
सिंहस्थ और कुबरेश्वर धाम के कारण सीहोर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की संभावना है। रेलवे ने यात्री दबाव और संवेदनशील स्थानों का आकलन शुरू कर दिया है। राइट्स के सर्वे के दौरान यात्रियों से बातचीत, ड्रोन सर्वे और जिला प्रशासन के साथ समन्वय के जरिए संभावित दबाव का अध्ययन किया गया है। उद्देश्य स्टेशन पर भीड़ बढऩे की स्थिति में अफरा तफरी को रोकना है।
डिजिटल डिस्प्ले से लेकर वाई-फाई तक
रेलवे के प्रस्तावित हाईटेक होल्डिंग एरिया में बड़े वेटिंग एरिया और पर्याप्त सीटिंग के साथ डिजिटल ट्रेन डिस्प्ले, बेहतर अनाउंसमेंट सिस्टम, पेयजल, फूड काउंटर, कैफेटेरिया, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाओं की परिकल्पना की गई है। यानी आने वाले समय में सीहोर स्टेशन केवल यात्रा का पड़ाव नहीं, बल्कि भीड़ प्रबंधन का अहम केंद्र बन सकता है।
प्रयागराज का जाम बना सबसे बड़ी चेतावनी
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के एक साथ पहुंचने से कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। लंबी कतारों और घंटों के इंतजार ने प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन की चुनौती को उजागर किया। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए पहले से सेफ्टी बफर तैयार करने की रणनीति अपनाई जा रही है।