#सीहोर का ‘सुदेश मॉडल’, 2013 का वादा बना जमीनी हकीकत…

  • @सीहोर। राजनीति में अक्सर चुनाव से पहले लंबे-चौड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब कोई जनप्रतिनिधि अपने एक दशक पुराने वादे को धरातल पर उतार दे तो वह क्षेत्र की तस्वीर बदल देता है। सीहोर में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में सुदेश राय ने सीहोर के युवाओं से एक बड़ा वादा किया था। चुनावी संवादों के दौरान उन्होंने कहा था कि वे सीहोर में उद्योगों की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और अपने उद्योगपति दोस्तों से आग्रह कर यहाँ फैक्ट्रियां लाएंगे।
  • 2013 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में महज 1500 वोटों से चुनाव जीतने वाले सुदेश राय ने फिर सीहोर के विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी में आस्था जताई। जनता का भरोसा इस कदर बढ़ा कि 2018 में वे बीजेपी के टिकट पर जीते और 2023 में तो उन्होंने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए करीब 35 हजार वोटों के विशाल अंतर से जीत की हैट्रिक लगाई। अब वही 2013 का वादा सीहोर की धरती पर आकार ले चुका है।
    बडिय़ाखेड़ी में उद्योगों का महाकुंभ, 3750 करोड़ का निवेश
    जिला मुख्यालय के बडिय़ाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज पूरी तरह विकसित होकर देश के बड़े इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है। यहां औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 102 औद्योगिक इकाइयों को 103.744 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है।
    इन सभी इकाइयों के पूर्ण रूप से शुरू होने पर क्षेत्र में 3,750.81 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आएगा। इससे स्थानीय स्तर पर सीधे 7,156 युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वर्तमान में यहां आईटीसी फाइबर लिमिटेड जैसी दिग्गजों के अलावा पर्पलस्टार मैन्युफैक्चरिंग, बारमाल्ट माल्टिंग, सिक्योर सर्किट्स और क्रायफ्स पावर जैसी नामचीन कंपनियां अपनी उत्पादन गतिविधियां चला रही हैं।
    कल जन्माष्टमी पर सीएम करेंगे सबसे बड़े प्लांट का रोल-आउट
    इस औद्योगिक क्रांति का सबसे बड़ा ऐतिहासिक क्षण 4 सितंबर को आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीहोर में सीजी क्रॉम्पटन एंड ग्रीव्स पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की नई यूनिट के पहले पॉवर ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ करेंगे।
    रिकॉर्ड समय में निर्माण
    अगस्त 2025 में सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस भव्य संयंत्र का भूमि-पूजन किया था और महज 13-14 महीनों के रिकॉर्ड समय में यहाँ उत्पादन भी शुरू हो गया है।
    भारत की सबसे बड़ी यूनिट
    50 एकड़ में फैली यह एक ही स्थान पर स्थापित देश की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधा है।
    उत्पादन क्षमता
    यहां 220 ज्ञट से 1200 ज्ञट क्षमता के अति-उच्च ट्रांसपुॉर्मर बनेंगे। हर महीने 35 पॉवर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे।
    2000 युवाओं को अतिरिक्त रोजगार
    इस सिंगल प्लांट से ही 2000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
    स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
    सीहोर में बने ये ट्रांसफॉर्मर न सिर्फ भारतीय रेलवे, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर ग्रिड को रोशन करेंगे, बल्कि इनका दुनिया भर में निर्यात भी होगा।
    औद्योगिक नक्शे पर सीहोर
    विधायक सुदेश राय द्वारा किए वादे, प्रयास और इच्छाशक्ति एवं प्रदेश सरकार के सहयोग से आज सीहोर वैश्विक औद्योगिक नक्शे पर दर्ज हो रहा है। बड़े उद्योगों के आने से सीहोर के छोटे व्यापारियों, लॉजिस्टिक्स/परिवहन क्षेत्र और स्थानीय दुकानदारों के लिए भी आर्थिक समृद्धि के नए दरवाजे खुल गए हैं। 2013 में बोया गया विश्वास का बीज आज सीहोर के युवाओं के लिए रोजगार का वटवृक्ष बन चुका है।