सफाई कर्मियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, सडक़ों पर उतरे नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि और सीएमओ

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सीहोर। आष्टा नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक ओर जहां सफाई कर्मी नेता राहुल वाल्मीकि के नेतृत्व में नपा कार्यालय के सामने धरने पर बैठकर भूख हड़ताल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर को गंदगी से बचाने के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्वयं झाड़ू थामकर सडक़ों पर उतर आए हैं।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ हो गया है। सफाईकर्मियों की मुख्य मांगों में बकाया पीएफ और जीएफ का तत्काल भुगतान शामिल है। साथ ही बिना किसी पूर्व सूचना के काम से हटाए गए 60 से अधिक सफाईकर्मियों को तत्काल वापस काम पर लेने की मांग की जा रही है।
मैदान में उतरे जिम्मेदार, खुद लगाई झाड़ू
शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा और सीएमओ विनोद प्रजापति ने कमान संभाली। कन्नौद रोड और कॉलोनी चौराहा क्षेत्र में अध्यक्ष प्रतिनिधि, सीएमओ सहित पार्षद रवि शर्मा और तेज सिंह राठौर ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई की। इतना ही नहीं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए जनप्रतिनिधियों ने खुद कचरा गाडिय़ों का स्टेयरिंग थामा और गली-मोहल्लों में पहुंचकर कचरा इक_ा किया।
जायज मांगें पूरी करने का भरोसा
इस मामले में सीएमओ विनोद प्रजापति का कहना है कि कर्मचारियों की अधिकांश जायज मांगें मान ली गई हैं। मार्च महीने का पीएफ और जीएफ जल्द ही कर्मचारियों के खातों में जमा कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि 50 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे व्यवस्था जल्द ही सामान्य हो जाएगी।