पूर्व नपा अध्यक्ष राकेश राय बोले, दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही असली दीपोत्सव

सीहोर। दीपावली का पावन पर्व केवल अपने घरों में दीप प्रज्वलित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के उन वर्गों की जिंदगी में खुशियों का उजाला फैलाना है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों या अभावों का सामना कर रहे हैं। दीपावली के ठीक एक दिन पहले यानी शनिवार को छोटी दीपावली के शुभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने मानवता और संवेदनशीलता की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की। वे शहर के विशेष (दिव्यांग) बच्चों और निर्धन परिवारों के बीच पहुंचेए उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं और पटाखे व मिठाइयां बांटकर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
शनिवार को पूर्व नपा अध्यक्ष राकेश राय सबसे पहले वसुंधरा फाउंडेशन पहुंचे, जहां उन्होंने विशेष (दिव्यांग) बच्चों के साथ समय बिताया। बच्चों के बीच पहुंचकर श्री राय ने उन्हें दीपावली की हार्दिक बधाई दी और उनकी प्रतिभा व जज्बे की सराहना करते हुए उनका भरपूर उत्साहवर्धन किया। अपने बीच पूर्व नपा अध्यक्ष को पाकर और उनका स्नेह देखकर विशेष बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

इंदिरा कॉलोनी में निर्धन परिवारों को बांटे पटाखे
इसके बाद छोटी दीपावली के इस सेवा अभियान को आगे बढ़ाते हुए श्री राय शहर की इंदिरा कॉलोनी की तरफ पहुंचे। यहां उन्होंने निर्धन परिवारों के बीच जाकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने बच्चों और परिवारों को दीपावली पर आतिशबाजी के लिए पटाखे और मिठाइयां वितरित की, ताकि वे भी बिना किसी कमी के पूरे हर्षोल्लास के साथ दीपोत्सव का पर्व मना सकें। पटाखे और उपहार पाकर निर्धन परिवारों के बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी।
हर घर में जलें खुशियों के दीप
इस अवसर पर उपस्थित बच्चों, परिवारजनों और नागरिकों को संबोधित करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने कहा कि त्योहारों का असली आनंद तभी सार्थक होता है जब समाज के हर वर्ग के चेहरे पर मुस्कान हो। ये विशेष बच्चे ईश्वर का ही रूप हैं, इनके बीच आकर जो आत्मिक शांति और खुशी मिलती है, वह कहीं और नहीं मिल सकती। वहीं हमारे निर्धन परिवारों के बच्चों को भी पूरा हक है कि वे धूमधाम से दीपावली मनाएं। हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि अपने घरों के साथ-साथ अपने आसपास के जरूरतमंदों के जीवन में भी खुशियों का एक दीप जरूर जलाएं, यही सच्ची मानव सेवा और असली दीपोत्सव है।