#नर्मदा की लहरों में समाया अभिषेक, 18 घंटे बाद भी तलाश जारी

@सीहोर। नर्मदा किनारे मछली पकडऩे गया 25 वर्षीय अभिषेक मांझी मंगलवार शाम उसी नदी की तेज धार में समा गया, जिसके किनारे उसका बचपन बीता था। बुधनी सिंधी कैंप घाट पर शाम करीब 6.30 बजे हुए हादसे के बाद बुधवार को भी एनडीआरएफ की टीम नदी में उसकी तलाश करती रही। करीब 18 घंटे बीत जाने के बाद भी अभिषेक का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

बुधनी के वार्ड क्रमांक-10 निवासी अभिषेक पिता नारायण दास मांझी मंगलवार शाम अपने चाचा गौतम मांझी और पंकज मांझी के साथ नाव से नर्मदा में मछली पकडऩे गया था। शाम को लौटते समय वह तट के करीब पहुंचा ही था कि नदी में बहकर आ रहे नारियल को पकडऩे की कोशिश की। चाचा के अनुसार नारियल पकड़ते ही अचानक उसके हाथ और गर्दन जकडऩे जैसी स्थिति बनी और वह देखते ही देखते पानी में जा गिरा।
बचाने दौड़े चाचा, लेकिन नहीं मिला अभिषेक
अभिषेक को पानी में गिरता देख दोनों चाचाओं ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। दोनों कुशल तैराक और गोताखोर हैं। उन्होंने नदी में काफी दूर तक उसकी तलाश की, लेकिन तेज बहाव के कारण अभिषेक का पता नहीं चल सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला।
अंधेरा बना बाधा, सुबह फिर शुरू हुआ अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कराया। लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान आगे नहीं बढ़ाया जा सका। बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण नदी में तलाश करना टीम के लिए चुनौती बना हुआ है।
नर्मदा के घाटों पर अलर्ट
एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम युवक के नदी में डूबने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया था, लेकिन रात होने के कारण रेस्क्यू संभव नहीं हो सका। बुधवार सुबह से ैएनडीआरएफ की टीम लगातार युवक की तलाश कर रही है। सुरक्षा की दृष्टि से आगे के सभी नर्मदा घाटों पर भी अलर्ट जारी किया गया है। इधर अभिषेक के परिजन और परिचित नदी किनारे डटे हुए हैं। हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है और सभी को अब एनडीआरएफ के सर्च ऑपरेशन से अभिषेक के मिलने की उम्मीद है।