छलकने को आतुर #जमोनिया तालाब, फसलों को मिली संजीवनी

@सीहोर। जिले में बीते 24 घंटों से जारी तेज बारिश ने जहां एक तरफ जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं सीहोर शहर की प्यास बुझाने वाला प्रमुख जमोनिया तालाब लबालब भरकर छलकने की कगार पर पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 28 फीट तक आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में पानी का संकट दूर होने की उम्मीद है।
भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात जिले भर में औसत 25.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा बारिश सीहोर शहर में 53 मिमी दर्ज हुई। तेज बारिश के चलते सीहोर के कई निचले इलाकों और प्रमुख बाजारों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और रहवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किस क्षेत्र में कितनी हुई बारिश
दैनिक वर्षा आंकड़ों के मुताबिक सीहोर तहसील में 53.0 मिमी, श्यामपुर में 35.0 मिमी, इछावर में 26.0 मिमी, जावर और बुधनी में 25.0-25.0 मिमी, रेहटी में 19.4 मिमी, आष्टा में 14.0 मिमी और भैरुंदा में 7.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
सीहोर में बारिश का आंकड़ा 1000 मिमी पार, जावर पिछड़ा
इस झमाझम बारिश के साथ ही सीहोर तहसील में इस सीजन की कुल बारिश का आंकड़ा 1017.3 मिमी पर पहुंच गया है, जो इस सीजन में पहली बार 1000 मिमी के पार हुआ है। यह आंकड़ा सीहोर के सामान्य औसत 1148.4 मिमी के बेहद करीब आ चुका है। वहीं जावर तहसील जिले में सबसे पिछड़ा हुआ हैए जहां अब तक केवल 593.0 मिमी ही बारिश हुई है। अगर पूरे जिले की बात करें तो 1 जून से अब तक औसतन 797.6 मिमी बारिश हो चुकी है। यह आंकड़ा बीते साल इसी अवधि तक हुई 922.2 मिमी बारिश की तुलना में फिलहाल करीब 125 मिमी कम है।
किसानों के चेहरे खिले, प्रशासन अलर्ट पर
लगातार हो रही इस बारिश से जिले के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि विभाग का कहना है कि यह पानी सोयाबीन और धान की फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगा। खेतों में अच्छी नमी रहने से फसलों की पैदावार और बढ़वार बेहतर होगी।
दूसरी ओर नदियों और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों व उफनते नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी गई है।