- @सीहोर। नाबालिग लडक़ी को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अदालत ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट स्मृता सिंह ठाकुर की अदालत ने आरोपी अभय पटेल को दोषी करार देते हुए 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा न्यायालय ने पीडि़ता को राहत प्रदान करते हुए 1 लाख रुपये का प्रतिकर देने का आदेश जारी किया है।
अभियोजन के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग लडक़ी की दोस्ती करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए इंदौर के रहने वाले अभय पटेल 20 वर्ष से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की फोन पर बातचीत होने लगी। आरोपी अभय लडक़ी को प्यार और शादी का झांसा देने लगा। नाबालिग द्वारा खुद के उम्र में छोटे होने की बात कहकर शादी से मना करने के बावजूद आरोपी उस पर लगातार दबाव बनाता रहा।
रात 3 बजे निकली घर
घटना वाली रात 25 मार्च 2025 को खाना खाने के बाद पीडि़ता अपने परिवार के साथ सोई थी। 26 मार्च की तडक़े करीब 3 बजे पीडि़ता चुपचाप घर से निकलकर पैदल सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से ट्रेन पकडक़र भोपाल गई। भोपाल स्टेशन पर आरोपी अभय पटेल पहले से ही उसका इंतजार कर रहा था। इसके बाद आरोपी पीडि़ता को अपने साथ इंदौर ले गया, जहां उसने एक किराए के कमरे में रखकर नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
सुबह 7 बजे परिजन को चला पता
इधर सुबह करीब 7 बजे जब पीडि़ता घर पर नहीं मिली तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन और रिश्तेदारों से संपर्क करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं लगाए तो पिता ने थाना कोतवाली पहुंचकर बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 28 मार्च 2025 को देर रात इंदौर के उस कमरे में दबिश दी। पुलिस ने पीडि़ता को दस्तयाब करते हुए आरोपी अभय पटेल को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल कराया और न्यायालय में उसके धारा बयान दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
आरोपी अभय को 10 साल की सजा
अदालत में शासन की ओर से पक्ष रखते हुए विशेष लोक अभियोजक आशीष त्यागी ने मजबूत तर्क पेश किए। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी अभय पटेल पिता घासीराम पटेल निवासी थाना मोतीनगर जिला इंदौर को पॉक्सो एक्ट की धाराओं में तहत दोषी पाया और 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।


