Sehore News: सीहोर। जिले में रसोई गैस का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आलम यह है कि शहर की गैस एजेंसियों पर सुबह से उपभोक्ताओं की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। हालत इतनी विकट है कि क्या मजदूर और क्या पुलिस जवान, हर कोई अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर है। शनिवार को भी शहर की तीनों प्रमुख एजेंसियों पर भारी अफरा तफरी का माहौल देखा गया।
बता दें जिला मुख्यालय स्थित मछलीपुल की मेहमूद हुसैन गैस एजेंसी, लीसा टॉकीज के पास स्थित बग्गा एजेंसी और तहसील चौराहा स्थित तत्पर गैस एजेंसी पर पिछले कई दिनों से संकट जैसे हालात बने हुए हैं। लोग सुबह होते ही ऑफलाइन नंबर लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। कतारों में खड़े लोगों के हाथों में खाली सिलेंडर और गैस डायरी देखी जा सकती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस नहीं मिलने से भारी परेशानी हो रही है। कई लोग तो अपना जरूरी काम और मजदूरी छोडक़र सिर्फ इसलिए कतार में लगे हैं ताकि घर का खाना बन सके।
दावों और हकीकत में अंतर
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को पूरी तरह झुठला रही है। यदि आपूर्ति सामान्य है तो फिर एजेंसियों के बाहर यह भीड़ और हाहाकार क्यों? नागरिकों का आरोप है कि ऑनलाइन बुकिंग करने के हफ्तों बाद भी सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें खुद एजेंसी तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब किचन तक
वैश्विक स्तर पर चल रहे ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश अब सीधे तौर पर मध्यम और गरीब परिवारों की रसोई तक पहुंच गई है। गैस नहीं मिलने से हर आम व्यक्ति परेशान हैं। गैस के संकट ने गृहिणियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।


