एसपी-एएसपी से सीख लें जिम्मेदार…

#Sehore, सीहोर। श्रावण मास के दौरान सीहोर में उमड़े आस्था के अपार जनसैलाब और कांवड़ यात्रा के सफल व शांतिपूर्ण समापन के बाद अब व्यवस्थाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है। इतने बड़े आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस महकमे ने मिसाल पेश करते हुए अपने जवानों की मेहनत का सम्मान किया और उनका हौसला बढ़ाया। वहीं दूसरी ओर जिले के अन्य प्रशासनिक व सेवा विभाग अपने कर्मचारियों के योगदान को सराहने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं, जिससे अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर बाकी जिम्मेदार अफसर एसपी-एएसपी से सीख क्यों नहीं लेते।
बता दें सावन के पूरे महीने में मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश भर से करीब 30 लाख से अधिक श्रद्धालु सीहोर पहुंचे थे। सीवन नदी तट से लेकर कुबेरेश्वर धाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इतने विशाल जनसैलाब को संभालना किसी एक विभाग के बस की बात नहीं थी। आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस के साथ-साथ राजस्व, स्वास्थ्य विभाग, बिजली कंपनी और नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे मुस्तैद रहे थे।
सफाई मित्रों मेहनत को भूल गए
विशेष रूप से नगर पालिका के सफाई मित्रों ने दिन-रात एक करके लाखों श्रद्धालुओं के बीच भी शहर को साफ सुथरा रखा। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने लगातार स्वास्थ्य शिविर चलाए तो बिजली विभाग के कर्मचारियों ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की, लेकिन सावन बीतते ही इन विभागों के आला अफसरों ने अपने कर्मचारियों के कड़े परिश्रम को भुला दिया और कोई प्रोत्साहन या सम्मान नहीं दिया।
एसपी-एएसपी ने बढ़ाया हौसला
अन्य विभागों की बेरुखी के विपरीत पुलिस महकमे ने एक संवेदनशील और अनुशासित कार्यशैली का परिचय दिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी सोनाक्षी सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक की शुरुआत ही जवानों के उत्साहवर्धन के साथ हुई। एसपी सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने सावन, कांवड़ यात्रा और शिव पालकी यात्रा के दौरान दिन-रात कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले सभी राजपत्रित अधिकारियों, एसडीओपी, रक्षित निरीक्षक उपेंद्र यादव, थाना प्रभारियों और पुलिस जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।