इछावर में फूड पॉइजनिंग से हाहाकार, इमरजेंसी घोषित…

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सीहोर। खुशियों से भरे एक वैवाहिक समारोह का माहौल उस वक्त अफरा तफरी में बदल गया, जब इछावर के ग्राम बावडिय़ा नौआबाद में दूषित भोजन करने से करीब 200 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बुधवार रात मेवाड़ा परिवार के यहां आयोजित प्रीतिभोज में शामिल मेहमानों की हालत इतनी बिगड़ी कि प्रशासन को आनन फानन में इछावर स्वास्थ्य केंद्र में इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण बंसीलाल के यहां आयोजित शादी समारोह में लगभग 1200 लोगों ने भोजन किया था। खाना खाने के कुछ ही घंटों बाद मेहमानों को तेज पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बीमारों की संख्या इतनी बढ़ गई कि गांव से अस्पताल तक एम्बुलेंस और निजी वाहनों की कतार लग गई। इछावर अस्पताल के बेड कम पड़ गए और मरीजों का इलाज गलियारों में जमीन पर लिटाकर करना पड़ा।
प्रशासन हुआ अलर्ट, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल मोर्चा संभाला। जिले के जो डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ छुट्टी पर थे, उन्हें तुरंत ड्यूटी पर वापस बुला लिया गया।
बुजुर्गों पर भारी असर
संक्रमण का सबसे घातक असर बुजुर्गों पर देखा गया, जिनकी पाचन शक्ति कमजोर होने के कारण हालत तेजी से बिगड़ी।
कुछ को छुट्टी, कुछ की हालत गंभीर
बताया जा रहा है कि प्राथमिक उपचार के बाद लगभग 50 लोगों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि 15 गंभीर मरीजों का इलाज इछावर में जारी है। दो मरीजों की हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
लिए गए सैंपल
मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम और खाद्य विभाग की टीम रात में ही मौके पर पहुंची। टीम ने शादी के मेन्यू में शामिल सभी खाद्य पदार्थों के सैंपल्स लिए हैं। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी के कारण या दूध से बनी किसी मिठाई के खराब होने की वजह से यह स्थिति बनी होगी।
अब रिपोर्ट का इंतजार
इछावर थाना प्रभारी पंकज वाडेकर के अनुसार पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता सभी को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। खाद्य पदार्थों की लैब रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।