सीहोर शहर के बाजार में भी खप रहा था सांची का नकली घी!

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सीहोर। मप्र के सबसे भरोसेमंद ब्रांड सांची के नाम पर मौत का सामान बेचने वाले एक बड़े गिरोह का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। जावर तहसील के ग्राम डोडी में लंबे समय से चल रही एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर टीम ने करीब 792 किलो नकली घी और भारी मात्रा में पैकिंग मटेरियल जब्त किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नकली घी की सप्लाई सीहोर शहर के कई बाजार में भी धड़ल्ले से की जा रही थी।
सीहोर शहर के कुछ दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर एक बड़ा खुलासा किया है। उनके मुताबिक बाजार में सांची घी की भारी मांग का फायदा उठाकर कुछ लालची दुकानदार चंद रुपयों के ज्यादा मुनाफे के चक्कर में इस नकली घी को बेच रहे हैं। यह जहर सांची की हूबहू दिखने वाली पैकिंग में आता है, जिससे आम ग्राहक असली और नकली का फर्क नहीं कर पाता।
किराए के मकान में चल रहा था मौत का खेल
जावर तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा और खाद्य निरीक्षक कीर्ति मालवीय के नेतृत्व में हुई इस छापामार कार्रवाई ने पूरे जिले में हडक़ंप मचा दिया है। यह फैक्ट्री डोडी निवासी मानसिंह सेंधव के मकान में संचालित हो रही थी, जिसे कल्याणपुरा निवासी गौरव वर्मा ने किराए पर ले रखा था। जैसे ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, आरोपी गौरव वर्मा वहां से फरार होने में कामयाब रहा।
क्या-क्या मिला मौके पर
प्रशासन की टीम जब फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुई तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। छापे के दौरान 792 किलो नकली घी जो वनस्पति घी और अन्य रसायनों को मिलाकर तैयार किया गया था। सांची कंपनी के भारी मात्रा में फर्जी रैपर और पैकिंग डिब्बे। वनस्पति घी के कई खाली और भरे हुए टीन जब्त किए हैं।
फैक्ट्री सील, अब कार्रवाई की तैयारी
तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा ने बताया कि आरोपी वनस्पति घी में मिलावट कर उसे सांची के रैपर में पैक करता था और बाजार में असली बताकर खपाता था। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने मकान मालिक के माध्यम से संचालक को लाइसेंस और फूड सेफ्टी से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा है। वैध दस्तावेज न होने पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।