सीहोर। जब किसी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटता है और कोई अपना साथ छोड़ जाता है तो उस कठिन घड़ी में अंतिम संस्कार की व्यवस्थाएं जुटाना एक बड़ी चुनौती होती है। शहर की जागरूक युवाओं की टोली टीम संडे का सुकून ने इसी पीड़ा को समझा और आज से ठीक एक साल पहले शहर में मोक्ष वाहन सेवा की शुरुआत की थी। इस सेवा ने सफलतापूर्वक अपना एक साल पूरा कर लिया है, जो अब शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ा संबल बन गई है।
टीम संडे का सुकून के सदस्य अंकुर राठौर ने बताया कि पिछले एक साल के सफर में यह मोक्ष वाहन 200 से अधिक शोकाकुल परिवारों के बीच पहुंच चुका है। मात्र एक कॉल पर वाहन प्रशिक्षित चालक के साथ मृतक के निवास पर पहुंच जाता है। वाहन के भीतर व बाहर गूंजते राम भजन वातावरण में एक आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, जो शोकाकुल परिजनों को संबल देने का काम करते हैं।
बिना किसी शुल्क के उठाई बड़ी जिम्मेदारी
सबसे खास बात यह है कि इस पूरी सेवा का प्रबंधन और आर्थिक भार टीम संडे का सुकून खुद ही उठाती है। अंकुर राठौर ने जानकारी दी कि साल भर में वाहन के संचालन पर लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का खर्च आया है। इसमें प्रशिक्षित वाहन चालक का वेतन, डीजल का खर्च और वाहन का रखरखाव शामिल है।
मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते चालक
मोक्ष वाहन के चालक केवल गाड़ी ही नहीं चलाते, बल्कि वे अंतिम विदाई की प्रक्रियाओं में हाथ बंटाकर मानवीय संवेदनाओं का परिचय भी देते हैं। टीम सदस्यों के अन5ुसार सेवा का दायरा केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों से सूचना मिलने पर भी टीम तत्परता से वहां पहुंचती है।
शहरवासियों ने सराहा युवाओं का जज्बा
टीम संडे का सुकून के इस सेवाभावी कार्य की नगर में मुक्त कंठ से सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जहां आज के दौर में हर चीज व्यापार बन गई है, वहीं इन युवाओं ने नि:स्वार्थ भाव से समाज की सेवा का जो बीड़ा उठाया है, वह प्रेरणादायी है। टीम सदस्य अंकुर राठौर ने बताया कि इस सेवा के लिए हमने मोबाइल नंबर 8120205052 जारी कर रखा है।


