सीहोर। जिला आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई आबकारी नीति के तहत पहले चरण में जिले की कुल 71 दुकानों में से 48 दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। खास बात यह है कि सरकार द्वारा इस बार ऑक्शन रेट में पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिसके बावजूद पहले ही चरण में बड़ा हिस्सा आवंटित हो गया है।
जिला आबकारी अधिकारी दीप सिंह राठौर के अनुसार पहले चरण में जिन 48 दुकानों की नीलामी हुई हैए उनका आरक्षित मूल्य 226 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के दौरान एकल फर्म मेसर्स गेंदालाल हजारीलाल एंड कंपनी द्वारा टेंडर डालने के कारण नियमानुसार इन्हें आवंटित कर दिया गया। हालांकि विभाग को उम्मीद थी कि ऑनलाइन प्रक्रिया से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल एक ही प्रतिभागी सामने आने से निर्धारित बेस प्राइज पर ही नीलामी संपन्न हुई।
आज टिकी नजरें
जिले में अभी 21 दुकानों के टेंडर शेष हैं, जिनके लिए आज 10 मार्च की तारीख तय की गई है। विभाग को उम्मीद है कि दूसरे चरण में अधिक संख्या में ठेकेदार रुचि दिखा सकते हैं, जिससे सरकारी खजाने में और अधिक राजस्व आने की संभावना है।
राजस्व ग्राफ में बढ़ोतरी
2020-21: 180 करोड़
2023-24: 223 करोड़
2025-26: 292 करोड़
2026-27: 350 करोड़ (अनुमानित लक्ष्य)
अवैध शराब के खिलाफ अभियान भी तेज
एक तरफ जहां नई नीति के जरिए राजस्व बढ़ाने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब कारोबार पर भी नकेल कस रहा है। वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग ने 897 प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस ने भी एनडीपीएस और आबकारी एक्ट के तहत 983 मामले दर्ज कर करीब 33 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की है और 1000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।


