ये रातें ये मौसम नदी का किनारा… सदाबहार गीतों से आशा भोंसले जी को दी स्वरांजलि

08 sehore photo 08

Sehore News: सीहोर। जो भी है बस एक यही पल है… इसी जज्बे के साथ शहर में सुरों की एक बेहद खूबसूरत शाम सजी। अवसर था सरगम के साथी क्लब के तत्वावधान में आयोजित संगीत संध्या का, जो सुर साम्राज्ञी आशा भोंसले जी को समर्पित थी। इस कार्यक्रम में सुरों की ऐसी मधुर सरिता बही कि सभागार में मौजूद हर संगीत प्रेमी मंत्रमुग्ध हो उठा। कार्यक्रम में सीहोर सहित आष्टा, भोपाल और इंदौर से आए जाने-माने गायक और गायिकाओं ने स्वर कोकिला आशा भोंसले द्वारा गाए गए सदाबहार और लोकप्रिय गीतों की एक से बढक़र एक शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।
गूंजे आशा जी के सुपरहिट गीत
संगीत प्रेमियों से भरे सभागार में कलाकारों ने जैसे ही आशा जी के गानों को गुनगुनाना शुरू किया पूरा माहौल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से…
तोरा मन दर्पण कहला
आओ हुजूर तुमको
मन क्यों बहका रे राधा आधी रात को
चेहरे से जरा आंचल
जाइए आप कहां जाएंगे
कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता
ये रातें ये मौसम नदी का किनारा
जाने जां ढूंढता फिर रहा तुझे रात-दिन
रात के हमसफर
जब छाए तेरा जादू और…
दम मारो दम जैसे कई बेहतरीन और सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियां हुईं, जिन्होंने पुरानी यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया।
अतिथि ने भी बिखेरा सुरों का जादू
कार्यक्रम की विशेष अतिथि अरुणा राय ने भी मंच संभाला और आशा जी के दो बेहद मधुर गीतों को अपनी सुरीली आवाज दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक राजेश काशिव एवं सीमा जोशी द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत कर और खुद एक सुरीला गीत गाकर की गई। पूरे कार्यक्रम का सफल, जीवंत और आकर्षक संचालन प्रदीप नागिया ने अपने अनूठे अंदाज में किया।